गोहत्या के आरोपियों पर रासुका लगाने के कमलनाथ सरकार के फैसले को चिदंबरम ने गलत बताया
नई दिल्ली. मध्यप्रदेश सरकार के गोहत्या के आरोपियों पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) लगाने के फैसले को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गलत बताया है। चिदंबरम ने कहा कि इस मामले को राज्य सरकार के सामने उठाया गया है, ताकि अगर कोई गलती हुई है तो नेतृत्व भी इस मामले को देखे। दरअसल, कुछ दिन पहले ही खंडवा में गोहत्या के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों पर रासुका लगा दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस के अंदर ही कुछ नेताओं ने कमलनाथ सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं।
सबरीमाला और रामजन्मभूमि विवाद अलग
दिल्ली स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी में एक किताब के विमोचन के दौरान चिदंबरम ने अयोध्या में राम मंदिर और केरल के सबरीमाला विवाद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर लोगों की आस्था का मामला है, जबकि सबरीमाला विवाद एक प्रथा की वजह से है।
सबरीमाला की प्रथा संवैधानिक मूल्यों के उलट
उन्होंने कहा कि मैं खुद एक धार्मिक इंसान नहीं हूं, लेकिन मुद्दा यह है कि सबरीमाला की प्रथाएं आधुनिक संवैधानिक मूल्यों के उलट हैं, जबकि अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि है। इसी आस्था के चलते कुछ लोग जमीन की मांग कर रहे हैं। जबकि एक वर्ग कहता है कि वहां सैकड़ों सालों से मस्जिद थी। अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उठाए गए मसलों का हल करेगा या नहीं।
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