मुनाफे में माइक्रोसॉफ्ट, रेवेन्यू में अमेजन आगे; आईफोन की बिक्री घटने से एपल पिछड़ी
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नई दिल्ली.रिलायंस इंडस्ट्री पिछले चार सालों से सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली भारतीय कंपनी है। जून 2019 तिमाही में भी इसका मुनाफा 2018 की तुलना में 6.8% बढ़ा। रिलायंस ने 10,104 करोड़ रुपए मुनाफा कमाया। हालांकि, इस मामले में यह अब भी दुनिया की चार प्रमुख कंपनियों से पीछे है। माइक्रोसॉफ्ट से इसका मुनाफा 9 गुना कम है। माइक्रोसॉफ्ट इस मामले में 1000 अरब डॉलर के मार्केट कैप छू चुकी दो अन्य कंपनियों एपल और अमेजन से भी आगे है। उसका मुनाफा इस तिमाही में 91,782 करोड़ रुपए रहा, जो अमेजन (18,270 करोड़ रुपए) से 73,512 करोड़ रुपए और एपल (69,906 करोड़ रुपए) से 21,876 करोड़ रुपए ज्यादा है।
एपल: आईफोन की बिक्री कम होने से प्रॉफिट में कमी
एपल का मुनाफा अप्रैल-जून में 13% घटा। फ्लैगशिप प्रोडक्ट आईफोन की बिक्री में 12% गिरावट की वजह से मुनाफे में कमी आई। इस साल अप्रैल-जून तिमाही में एपल को आईफोन की बिक्री से 1.8 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला। पिछले साल अप्रैल-जून में यह 2 लाख करोड़ रुपए था। 2012 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि एपल के रेवेन्यू में आईफोन का शेयर 50% से कम रहा। इससे पहले मार्च तिमाही में भी कंपनी का प्रॉफिट 16% घटा था। 2018 की मार्च तिमाही में कंपनी ने 2.62 लाख करोड़ रुपए के आईफोन बेचे थे। मार्च 2019 की तिमाही में यह आंकड़ा 17% घटकर 2.17 लाख करोड़ रुपए पर आ गया।
निजता के उल्लंघन मामले में जुर्माने से घट रहा फेसबुक का प्रॉफिट
फेसबुक को जून 2019 तिमाही में 18,207 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। यह 2018 की जून तिमाही के मुकाबले 49% कम है। 2018 में इसे 35,496 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। कंपनी ने डेटा प्राइवेसी उल्लंघन के मामले में सेटलमेंट के लिए 13,920 करोड़ रुपए अलग रखे, इसलिए प्रॉफिट कम हो गया। जनवरी-मार्च तिमाही में भी ऐसा ही हुआ था। उस दौरान कंपनी ने कानूनी खर्च के लिए 20,880 करोड़ रुपए की राशि अलग रखी थी।
माइक्रोसॉफ्ट के मुनाफे में 49% का उछाल क्यों?
जून 2018 तिमाही की तुलना में जून 2019 में माइक्रोसॉफ्ट के प्रॉफिट में 49% की बढ़ोतरी हुई। एमएस ऑफिस कमर्शियल प्रोडक्ट, कंज्यूमर प्रोडक्ट, डायनामिक प्रोडक्ट, सर्वर प्रोडक्ट, क्लाउड सर्विसेस और लिंक्डइन रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ इसका कारण रही। वहीं, रिलायंस और अमेजन के मुनाफे में सामान्य बढ़ोतरी ही दर्ज की गई। रिलायंस का मुनाफा 6.8% बढ़ा। डिजिटल और रिटेल बिजनेस में अच्छी ग्रोथ से बढ़े रेवेन्यू ने रिलायंस का मुनाफा बढ़ाया। रिलायंस के डिजिटल सर्विसेज रेवेन्यू में 55% और रिटेल में 48% ग्रोथ दर्ज हुई। अमेजन के प्रॉफिट में इस बार केवल 3.5% का इजाफा हुआ। पिछली तिमाही में अमेजन का प्रॉफिट 118% बढ़ा था।

अमेजन का रेवेन्यू माइक्रोसॉफ्ट से दोगुना, फेसबुक के रेवेन्यू में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
जून 2019 की तिमाही में अमेजन का रेवेन्यू सबसे ज्यादा रहा। यह माइक्रोसॉफ्ट से दोगुना रहा लेकिन इसका प्रॉफिट माइक्रोसॉफ्ट से करीब 5 गुना कम रहा। अमेजन के रेवेन्यू में जून 2018 तिमाही की तुलना 20% बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी फेसबुक के रेवेन्यू में हुई। यह 28% बढ़ा। मार्च तिमाही में भी फेसबुक के रेवेन्यू में 26% बढ़ोतरी हुई थी। इस बार एपल के रेवेन्यू में सबसे कम बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें केवल 1% का इजाफा हुआ, हालांकि मार्च तिमाही की तुलना में एपल का प्रदर्शन ठीक हुआ है, मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 5% घटा था।

माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों ने जून 2018 तिमाही की तुलना में 50% ज्यादा रिटर्न दिया
माइक्रोसॉफ्ट ने जून 2019 तिमाही में अपने निवेशकों को प्रति शेयर करीब 119 रुपए रिटर्न दिया, जो जून 2018 की तुलना में 40 रुपए ज्यादा है यानी शेयरों से रिटर्न में कुल 50% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि इसके शेयर से मिलने वाला रिटर्न अमेजन के शेयरों से तीन गुना कम रहा। अमेजन ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर करीब 352 रुपए रिटर्न दिया। एपल और फेसबुक से होने वाली प्रति शेयर आमदनी में कमी दर्ज की गई है। मार्च 2019 तिमाही में भी दोनों कंपनियों के शेयर रिटर्न में कमी देखी गई थी।

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