प्रियंका गांधी का ट्वीट- लोअर कोर्ट का फैसला चौंकाने वाला; मायावती ने लिखा- राजस्थान सरकार की लापरवाही
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
जयपुर. पहलू खान मॉब लिंचिंग केस में कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद शुक्रवार को प्रियंका गांधी ने इस मामले पर ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि पहलू खान मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौंकाने वाला है। हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और भीड़ द्वारा हत्या एक जघन्य अपराध है। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोपियों को छूटने के पीछे राजस्थान कांग्रेस कीघोर लापरवाही को वजह बताया।
अलवर के अपर जिला और सत्र न्यायालय की जज डॉ. सरिता स्वामी नेइस मामले में बुधवारकोफैसला सुनाया था। अप्रैल 2017 को पहलू खान को गोतस्करी के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर घायल कर दिया था। अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
प्रियंका गांधी का ट्वीट
राजस्थान सरकार द्वारा भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ कानून बनाने की पहल सराहनीय है। आशा है कि पहलू खान मामले में न्याय दिलाकर इसका अच्छा उदाहरण पेश किया जाएगा।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) August 16, 2019
मायावती का ट्वीट
राजस्थान कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही व निष्क्रियता के कारण बहुचर्चित पहलू खान माब लिंचिंग मामले में सभी 6 आरोपी वहाँ की निचली अदालत से बरी हो गए, यह अतिदुर्भाग्यपूर्ण है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मामले में वहाँ की सरकार अगर सतर्क रहती तो क्या यह संभव था, शायद कभी नहीं।
— Mayawati (@Mayawati) August 16, 2019
9 में से 3 आरोपी नाबालिग थे
पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। इनमें से 3 आरोपी नाबालिग होने के कारण उनके विरुद्ध सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है। जबकि, 6 आरोपियों विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, भीमराठी व योगेश कुमार के विरुद्ध अदालत में चालान पेश किया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अलवर में हुई सुनवाई
प्रकरण का ट्रायल एडीजे कोर्ट बहरोड़ में शुरू हुआ था। बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मामले को अलवर की अदालत में सुनवाई के लिए स्थानांतरित किया गया। सुनवाई के दौरान अपर लोक अभियोजक द्वारा 44 अभियोजन साक्षियों के बयान दर्ज करवाए गए। आरोपियों की ओर से एडवोकेट हुकम चंद शर्मा द्वारा पैरवी की जा रही है।
पहलू और उसके परिवार पर गोतस्करी का आरोप लगाया गया
अलवर में जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर 1 अप्रैल 2017 को भीड़ ने गोतस्करी के शक में पहलू खान को पीटा था। खान अपने बेटों के साथ जयपुर के एक मेले से मवेशियों को खरीद कर हरियाणा के नूह स्थित अपने घर ला रहा था। इस मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई हैं। एक एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर हमला करने वाली भीड़ को आरोपी बनाया गया है। वहीं, दूसरी एफआईआर पहलू खान और उसके परिवार के खिलाफ की गई है। इस एफआईआर में पहलू और उसके परिवार पर गो तस्करी का आरोप लगाया गया।
अलवर पुलिस ने 24 मई को राजस्थान गोजातीय पशु अधिनियम 1995 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। पहलू खान की मौत हो चुकी थी, इसलिए उनका नाम शामिल नहीं किया गया। हालांकि, उनका नाम चार्जशीट की समरी में था। पुलिस अपने रुख पर कायम थी कि जांच में पहलू खान, उसके बेटों और ट्रक ऑपरेटर खान मोहम्मद के खिलाफ मामला साबित हुआ है।
पहलू खां के बेटे हैं जमानत पर
1 अप्रैल 2017 को घटना के दिन पुलिस ने कुल 6 वाहन जब्त कर 36 गोवंश मुक्त कराए थे। इनमें केस संख्या 252/17 में पहलू खां, उसके दो बेटों आरिफ व इरशाद और पिकअप मालिक खान मोहम्मद को आरोपी बनाया गया था। सभी के खिलाफ राजस्थान गोवंशीय पशु वध प्रतिषेध व अस्थाई प्रजनन निर्यातका विनियमन, नियम 1995 की धारा 5, 8 व 9 में चालान पेश किया गया था। पहलू के बेटे सहित तीनों आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे हैं। पहलू के बेटे आरिफ व इरफान तथा गाड़ी मालिक खान मोहम्मद के खिलाफ गोवंश की तस्करी करने के आरोप में 24 मई 2019 को एसीजेएम कोर्ट में चालान पेश किया गया है। आरिफ व इरफान हाईकोर्ट पर अग्रिम जमानत पर चल रहे हैं।
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