आतंकियाें ने 50 हजार रुपए देकर नाबालिग से करवाया था जम्मू बस स्टैंड पर ग्रेनेड से हमला
नई दिल्ली.जम्मू बस स्टैंड पर गुरुवार काे ग्रेनेड से हमला करने वाला लड़का नाबालिग है। 12 मार्च काे उसकी उम्र 16 साल पूरी हाेगी। पूछताछ में उसने बताया कि हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियाें ने 50 हजार रुपए देकर उससे ग्रेनेड फिंकवाया था।कुलगाम का यह लड़का हमले के बाद भागते हुए पकड़ा गया था। पुलिस के अनुसार वह नाैवीं कक्षा में पढ़ता है और उसके पिता पेंटर का काम करते हैं।
आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्राें के अनुसार, उसकी जन्मतिथि 12 मार्च, 2003 है। उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने से पहले उसकी उम्र की जांच करवाई जाएगी। उसे अभी बाल सुधार गृह भेजा जाएगा। सरकार अदालत से इजाजत मांगेगी कि आतंकवाद राेधी कानून के प्रावधानाें के तहत उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।
जम्मू में कहीं भी फेंकने के लिए दिया गया थाग्रेनेड
पुलिस के अनुसार, कुलगाम में हिजबुल के स्वयंभू सरगना फैय्याज ने ओवरग्राउंड वर्कर मुजम्मिल काे एक ग्रेनेड देकर जम्मू में कहीं भी फेंकने काे कहा था। मुजम्मिल डर गया और ग्रेनेड फेंकने से मना कर दिया। फिर उसे यह ग्रेनेड छाेटू नाम के किसी और शख्स काे देने के लिए कहा गया। पुलिस हिरासत में मुजम्मिल ने आराेपी की फाेटाे देखकर बताया कि ग्रेनेड वही लेकर गया था।
सुरक्षा एजेंसियाें काे आशंका: आतंकी और भी करा सकते हैं ऐसे हमले
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि आतंकी और भी नाबालिग लड़काें काे ऐसे हमलाें में इस्तेमाल कर सकते हैं। किशाेर कानून की वजह से वह सख्त सजा से बच जाएंगे। आतंकी संगठनाें ने 2000 में भी सुरक्षा बलाें पर ग्रेनेड फेंकने के लिए कम उम्र के लड़काें का इस्तेमाल शुरू किया था। पुलिस ने इसके खिलाफ लाेगाें की काउंसिलिंग शुरू की थी। उसके बाद 2009 में यह रुझान बंद हाे गया था।
एक और घायल ने दम ताेड़ा, मृतकाें की संख्या 2 हुई
जम्मू बस स्टैंड पर हुए ग्रेनेड हमले में घायल एक और शख्स की शुक्रवार सुबह माैत हाे गई। अनंतनाग के माेहम्मद रयाज की माैत के साथ ही इस घटना में मरने वालाें की संख्या दाे हाे गई है। गुरुवार काे भी उत्तराखंड के एक लड़के की माैत हाे गई थी। 31 लाेग घायल हैं।
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