एसटीएफ ने पकड़ा एक हजार किलो पोटैशियम नाइट्रेट, दो गिरफ्तार
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक हजार किलो पोटैशियम नाइट्रेट के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है। सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपी इंद्रजीत भुई और पद्मलोचन डे ओडिशा से विस्फोटक पदार्थ लेकर नार्थ 24 परगना में जा रहे थे। एसटीएफ ने उनके बीटी रोड पर ताला ब्रिज के पास वाहन को रोककर तलाशी ली तो उसमें से इसकी बड़ी खेप बरामद हुई।
एसटीएफ का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है कि विस्फोटक की इतनी बड़ी खेप दोनों किस मकसद से लेकर आ रहे थे। वाहन की तलाशी में पोटैशियम नाइट्रेट से भरे 27 बैग बरामद किए गए।
सूत्रों का कहना है कि आम चुनाव से ठीक पहले विस्फोटक पदार्थ की इतनी बड़ी खेप का मिलना गंभीर मसला है। एसटीएफ जांच कर रही है कि कहीं इनका इस्तेमाल चुनाव के दौरान तो नहीं किया जाना था?
पोटैशियम नाइट्रेट एक रासायनिक यौगिक है। यह 'शोरा' नाम के खनिज के रूप में मिलता है और नाइट्रोजन का प्राकृतिक ठोस स्रोत है। नाइट्रोजन से युक्त बहुत से यौगिकों को सामूहिक रूप से 'शोरा' कहते हैं। पोटैशियम नाइट्रेट उनमें से एक है।
पोटैशियम नाइट्रेट का उपयोग मुख्यतः उर्वरक, रॉकेट के नोदक (प्रोपेलेंट), तथा पटाखों में होता है। यह बारूद के तीन घटकों में से एक है। इसे खाद्य संरक्षण के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
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इससे पहले 29 जनवरी को पाकुड़ पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित विस्फोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था। एसआईटी ने दो आरोपियों बरहरवा के दुखन रजक और कोटालपोखर निवासी सैफुल कादिर को भी गिरफ्तार किया था।
पुलिस टीम ने प्रतिबंधित 25 किलो अमोनियम नाइट्रेट, 225 पीस जिलेटिन, 150 पीस डेटोनेटर और एक बक्सा बरामद किया था। पुलिस जांच कर रही है कि विस्फोटक कहां से मंगाए जा रहे हैं। झारखंड के अलावा बिहार-बंगाल के कौन से लोग इसमें शामिल हैं।
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