कर्नाटक: एयरस्ट्राइक के जोश में पानी जैसे जरूरी मुद्दे तक डूबे हुए दिख रहे हैं

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

अमित कुमार निरंजन, बेंगलुरु (कर्नाटक) से. इलेक्ट्रॉनिक सिटी (बेंगलुरु साउथ) की सोसायटी में रहने वाले ए एस पटेल शुक्रवार रात इस उत्साह से घर लौटे कि कल वीकेंड है, देर तक सोऊंगा। घर पहुंचे ही थे कि पता चला-पानी नहीं है। पानी का टैंकर रात ढाई बजे आना था। एक झपकी ले ली...पता चला टैंकर भी चला गया। हड़बड़ाहट में सुबह पांच बजे नींद खुली तो पानी की याद आई। इस बार चूकते तो पानी नहीं मिलता।

भारत यात्रा के इस सफर में मेरा एक रात्रि विश्राम मेरे मित्र पटेल के घर पर भी था...इसलिए देश की सिलिकॉन वैली में पानी का ऐसा संकट मैंने खुद महसूस किया। बहरहाल, पटेल साहब और मैं पावर नैप लेकर सुबह-सुबह घूमने निकल पड़े। रास्ते भर पटेल साहब पानी पर बड़बड़ाते रहे। अचानक चमचमाते फाइटर प्लेन का स्टेच्यू दिखा। मैंने पूछा-क्या नया लगा है? कैब ड्राइवर मंजूनाथ बोला-नया नहीं है, एयरस्ट्राइक के बाद पेंट किया गया है।

पटेल साहब भी पानी से यू टर्न मारते हुए एयरस्ट्राइक पर आ गए। बोले- इस बार अच्छा किया, जो हम बम बरसाकर आ गए। इसलिए कहते हैं- मोदी है तो मुमकिन हैं। इसके बाद तो पानी कहीं छूट गया और दिनभर गांधी परिवार की राजवंशी राजनीति पर उनका जुबानी एयरस्ट्राइक चलता रहा।

मुद्दों को और गहराई से समझने के लिए मैं कन्नड़ अखबार विजय कर्नाटक के पूर्व संपादक और 60 से ज्यादा किताबों के लेखक विश्वेश्वर भट्‌ट से मिला। विश्वेश्वर बोले-यहां चुनाव का ट्रेंड हर साल बदलता है। कभी ये जाति के आधार पर होता है तो कभी मुद्दों पर। इस बार मुद्दे हावी दिख रहे हैं। मुद्दा सिर्फ एक है- 'फॉर मोदी और नॉट मोदी'। पहले जीएसटी, नोटबंदी का असर था। एयर स्ट्राइक के बाद चर्चा सिर्फ 'देश' पर आकर ठहर गई।

अब सबसे पहले तुमकुर की बात। यहां पिछली बार कांग्रेस के मुदाहनुम गोडा सांसद बने थे। लेकिन इस बार जेडीएस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा खड़े हो रहे हैं। इस वजह से कांग्रेस और जेडीएस के कैडर के बीच तकरार बढ़ सकती है। भाजपा ने यहां बसावराजू को टिकट दिया है, ये लिंगायत से हैं। यहां वोक्कालिगा 35%, लिंगायत 25%, अहिंदा करीब 30% हैं। ऐन मौके पर टिकट वापस लिए जाने से नाराज एसपी मुदाहनुम गोडा अब निर्दलीय मैदान में हैं। एक और बात-देवेगौड़ा जब कर्नाटक के सीएम थे तब उन्होंने हेमावती नदी का एक हिस्सा हासन की ओर मोड़ दिया था। उस समय हासन देवेगौड़ा का चुनाव क्षेत्र था था और तुमकुर के सामने पानी की समस्या पैदा हो गई थी। तुमकुर वो दिन अभी तक भूला नहीं है।

मांड्या इस बार हाईप्रोफाइल सीट हो गई है। यहां से सीएम कुमारस्वामी के बेटे निखिल मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित निर्दलीय सुमलता से है। वे दिवंगत अभिनेता अंबरीश की पत्नी हैं। रोचक यह है कि नामांकन के आखिरी दिन तक तीन और 'सुमलथा' निर्दलीय मैदान में आ गई हैं। हासन पूर्व पीएम देवेगौड़ा की सीट रह चुकी है। वे यहां से 5 बार सांसद रहे हैं। यहां वोक्कालिगा समुदाय 80% हैं। जो देवेगौड़ा के साथ दिखता है। यहां देवगौड़ा के पौत्र प्रज्जवला जेडीएस से मैदान में हैं। भाजपा ने ए मंजू को टिकट दिया है। वे पूर्व कांग्रेसी हैं। कभी कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया का मजबूत गढ़ रहे मैसूर में पिछली बार भाजपा के प्रताप शिम्हा जीते थे। इस बार भी इन्हें टिकट दिया गया है।


पिछली बार वे ध्रुवीकरण के चलते जीते थे। इस बार हालात अलग हैं। यहां वोक्कालिगा 40%, ओबीसी 30% और लिंगायत 10% हैं। यह मुकाबला रोचक होगा। इस बार कांग्रेस ने विजय शंकर को टिकट दिया है। वे कर्बा हैं। इसी वर्ग से कांग्रेसी दिग्गज सिद्धारमैया भी हैं। चामराजनगर रिजर्व सीट है। पिछली बार कांग्रेस के आर ध्रुव नारायण जीते थे। इस बार भी पार्टी ने इन पर भरोसा जताया है। यहां से श्रीनिवास प्रसाद को भाजपा से टिकट मिला है। वे सिद्धारमैया सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इन्होंने कांग्रेस छोड़ी और भाजपा ज्वॉइन कर ली।


बेंगलुरु रूरल की बात करें तो यहां कांग्रेस की पकड़ दिखती है। पिछली बार कांग्रेस के डी केमपेगोडा सुरेश सांसद चुने गए थे। यहां वोक्कालिगा 45% हैं। इस बार भी कांग्रेस को बढ़त दिखती है।बेंगलुरु नॉर्थ में इस बार भी कुछ बदला नहीं है। केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा यहीं से सांसद चुने गए थे। इस बार भी भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है। लोग कहते हैं- पिछली बार कांग्रेस के पास मजबूत उम्मीदवार न होने से भाजपा को फायदा हुआ था। इस बार भी कुछ ऐसा ही है। पहले ये सीट जेडीएस को दी गई थी। लेकिन बाद में कांग्रेस को दी गई। यहां से कांग्रेस के कृष्णा बायरे गौड़ा को टिकट मिला है।

बेंगलुरु सेंट्रल में भाजपा ने फिर पीसी माेहन को टिकट दिया है। पिछली बार वे भाजपा से सांसद बने थे। यहां जेडीएस और कांग्रेस अलग-अलग लड़ती रहीं है। इसके चलते वोट कटता गया। इस बार कांग्रेस ने रिजवान अरशद को उतारा है। कांग्रेस को बढ़त के आसार हैं। बेंगलुरु साउथ चर्चित सीटों में से एक है। यह भाजपा के दिग्गज नेता अनंत कुमार की सीट है। उनके निधन के बाद भाजपा ने 28 साल के तेजस्वी सूर्या पर दांव खेला है। वे भाजपा आईटी सेल के सदस्य रह चुके हैं। यहां से कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद उनके सामने हैं। वोक्कालिगा डोमिनेंट सीट होने से उनके जीतने की संभावना है।

चिकबल्लापुर में पिछली बार कांग्रेस के वीरप्पा मोईली सांसद बने थे। 1996 को छोड़कर ये सीट 1977 से 2014 तक कांग्रेस के पास ही रही है। इस बार भी पार्टी ने मोईली को ही टिकट दिया है। यहां से बीएन बच्चेगौड़ा भाजपा उम्मीदवार हैं। बच्चेगौड़ा को थोड़ा एडवांटेज मिल सकता हैं क्योंकि ये वोक्कालिगा हैं। जातीय नजरिए से देखें तो भाजपा का परंपरागत लिंगायत वोट भी उन्हें मिल सकता है। कोलार सीट 1991 से कांग्रेस के पास है। भाजपा ने यहां से एन मुनीस्वामी को मैदान में उतारा है। कांग्रेस के मुनियप्पा सात बार यह सीट जीत चुके हैं। ऐसे में मुनीस्वामी के मुकाबले ज्यादा दमदार दिखते हैं।

यहां 'फॉर मोदी' ही मुद्दा

  • मुद्दा: जमीन पर यूं तो पानी बड़ा मुद्दा है। लेकिन चुनावी मुद्दा सिर्फ एयर स्ट्राइक और मोदी ही हैं।
  • गठबंधन: भाजपा यहां अकेले चुनाव में है। कांग्रेस और जेडीएस साथ हैं।

जातिगत/राजनीतिक समीकरण
सिर्फ तीन वर्ग हैं- देवेगौड़ा (जेडीएस) से वोक्कालिगा, येदियुरप्पा (भाजपा) से लिंगायत और सिद्धारमैया (कांग्रेस) से अहिंदा वर्ग जुड़ा है। वोक्कालिगा करीब 50%, अिहंदा करीब 35% और लिंगायत करीब 10% हैं। कर्नाटक के पांच अलग-अलग क्षेत्रों में तीनों वर्ग का अपना-अपना दबदबा है लेकिन ओवरऑल बात करें तो कर्नाटक में लिंगायत गेम चेंजर है। यानी माना जाता है कि लिंगायत जिसे वोट देगा, कर्नाटक में सरकार उसी की बनेगी। वहीं पॉलिटिकल इक्वेशन पर राजनीतिक विश्लेषक एस ए हेमंत कुमार कहते हैं- कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन करके भाजपा का काम आसान किया है। जो कैडर सालों से एक-दूसरे के खिलाफथा, वह अब साथ काम करें, ये कैसे मुमकिन है। गठबंधन में ऊपर के लीडर तो मिल गए लेकिन कैडर नहीं मिला।

2014 की स्थिति

सीट विजयी पार्टी
बेंगलुरु (उत्तर) भाजपा
बेंगलुरु (दक्षिण) भाजपा
बेंगलुरु (सेंट्रल) भाजपा
बेंगलुरु (रूरल) कांग्रेस
तुमकुर कांग्रेस
मांड्या जेडीएस
मैसूर भाजपा
चामराजनगर कांग्रेस
चिकबल्लापुर कांग्रेस
कोलार कांग्रेस
हासन जेडीएस



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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद सोलिह (बाएं) के साथ मोहम्मद नशीद।

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