मध्यम वर्ग के लिए निर्मोही निर्मला, प्रश्नोत्तर में समझें बजट में आपके लिए क्या?
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
बजट में मेरे लिए क्या है?
कुछ नहीं। कुछ भी नहीं।
क्यों? 45 लाख तक का घर ख़रीदने पर डेढ़ लाख का अतिरिक्त ब्याज कर मुक्त करना मध्यम वर्ग के लिए राहत नहीं है?
बिलकुल नहीं। पहली बात- 45 लाख में घर नहीं, फ़्लैट ही मिल पाएगा। जहां तक लोन और ब्याज की बात है, बैंक कुल क़ीमत का 85% ही लोन देती हैं। यानी पौने सात लाख रु. तो आपको डाउन पेमेंट करना ही पड़ेगा। लोन लिया आपने क़रीब 39 लाख का। इसकी किस्त आएगी क़रीब 39 हज़ार रु. महीना। यानी चार लाख अड़सठ हज़ार। इसमें पहले साल एक-सवा लाख मूल और बाक़ी ब्याज होगा। दूसरे साल आपके होम लोन पर ब्याज साढ़े तीन लाख से काफ़ी कम रहेगा। पूरा फ़ायदा केवल पहले साल ही मिल पाएगा।
वो जो इलेक्ट्रिक कार ख़रीदने पर लोन के ब्याज में जो राहत ह, उसका क्या?
पहली बात तो इलेक्ट्रिक कार मिल कहाँ रही है? फिर लोग फ़िलहाल खरीद भी कहाँ रहे हैं? और ख़रीदें तो भी लोन लें तो ही फ़ायदा है। जहाँ तक मध्यम वर्ग का सवाल है, उसके पास जो कार अभी है, उसे छोडकर वो दूसरी कार ख़रीदने की बात सोच भी कैसे सकता है।
पांच लाख तक की इन्कम तो टैक्स फ्री है ना?
इसमें भी शर्त है। पांच लाख तक की कुल टैक्सेबल इन्कम ही करमुक्त है। पांच लाख एक रुपया भी इनकम है तो पुराने स्लैब से ही टैक्स लगेगा। फिर यह घोषणा तो पिछले अंतरिम बजट की है। इस बार इसमें नया कुछ नहीं है। जस्ट रिपीटेशन।
कंपनियों को तो राहत दी गई है?
हां, कंपनियों पर मेहरबानी है। जो न्यूनतम 25% टैक्स सालाना ढाई सौ करोड़ टर्नओवर पर लगता था, वो अब चार सौ करोड़ तक के टर्नओवर पर कर दिया गया है। मध्यम वर्ग से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
ठीक है, मध्यम वर्ग को कुछ नहीं दिया, लेकिन अतिरिक्त भार भी तो नहीं डाला?
एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ाने से पेट्रोल और डीज़ल दो-ढाई रुपए आज रात से ही महंगे हो जाएंगे, यह क्या मध्यम वर्ग पर मेहरबानी है?
इस बजट में कुछ तो अच्छा होगा?
हां। निर्मला सीतारमण का यह बजट पिछले कई वित्त मंत्रियों के पेश किए बजट की तुलना में ज्यादा स्पष्ट और अलग था।
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