आर्थिक सर्वेक्षण आज पेश किया जाएगा, अर्थव्यवस्था के हालातों की जानकारी मिलेगी

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. सरकार आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी। इसमें बीते वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति और आगे की संभावित चुनौतियों के बारे में बताया जाएगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने सर्वे तैयार किया है। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला आर्थिक सर्वेक्षण होगा।

जनवरी-मार्च तिमाही कीजीडीपी ग्रोथ 5 साल में सबसे कम

आर्थिक सर्वे में अर्थव्यवस्था और अलग-अलग सेक्टर्स और उनके प्रति भविष्य के नजरिए पर अध्याय शामिल होते हैं। फिलहाल मैन्युफैक्चरिंग और एग्रीकल्चर सेक्टर में हालात अच्छे नहीं हैं। जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.8% रह गई। यह 5 साल में सबसे कम है।

वित्तीय घाटे की चुनौती

आलोचक यह भी कह रहे हैं कि मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में जॉबलेस ग्रोथ रही। सरकार को अर्थव्यवस्था में तेजी लाने और रोजगार बढ़ाने के उपायों पर फिर से सोचने की जरूरत है। इस बात को लेकर भी चिंताएं हैं कि जीएसटी कलेक्शन की रफ्तार नहीं बढ़ने और प्रत्यक्ष कर में उम्मीद से कम इजाफा होने की वजह से सरकार कोइस साल वित्तीय घाटा झेलना पड़ सकता है।

20124 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य

आर्थिक सर्वे में आने वाले सालों में जरूरी रिफॉर्म का खाका भी पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि 2024 तक अर्थव्यवस्था दोगुनी से ज्यादा होकर 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाए।



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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

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