जांच एजेंसी ने भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी का दावा किया; कहा- 10 साल से देश में था
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
इस्लामाबाद. पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एफआईए ने एक और भारतीय नागरिक की गिरफ्तारी का दावा किया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति 10 साल पहले मुल्क में गैरकानूनी तरीके से दाखिल हुआ था। इस शख्स का फोटोग्राफ भी जारी किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम पंजम तिवारी है और वो मूल रूप से बनारस या वाराणसी का रहने वाला है। कुछ दिन पहले भी पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने एक भारतीय की गिरफ्तारी का दावा किया था और उसका नाम लक्ष्मण बताया था। हालांकि, लक्ष्मण की कोई तस्वीर जारी नहीं की गई थी।
दोस्त की मदद से पाकिस्तान में घुसने का आरोप
पाकिस्तान के टीवी चैनल 'जियो न्यूज' ने दावा किया है कि पंजम तिवारी की 10 साल पहले दुबई में एक पाकिस्तानी नागरिक कामरान से पहचान हुई थी। दोनों अच्छे दोस्त बन गए। इसके बाद पंजम गैरकानूनी तरीके से पाकिस्तान आया। इसमें कामरान ने उसकी मदद की। तिवारी ने बिलाल नाम से पाकिस्तान का फर्जी पासपोर्ट और अन्य सरकारी दस्तावेज भी बनवाए। वो गुजरांवाला में करीब 10 साल से रह रहा था। तिवारी के बारे में दावा किया गया है कि वो मूल रूप से वाराणसी का रहने वाला है।
पाकिस्तानी लड़की से शादी भी की
एफआईए के डिप्टी डायरेक्टर आमिर नवाज ने मीडिया से कहा, "तिवारी के पास से हमने पाकिस्तान का राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट भी बरामद किया है।" कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तिवारी ने बिलाल के नाम से सरकारी दस्तावेज हासिल किए और अपने दोस्त कामरान की बहन से शादी कर ली। उसके 3 बच्चे भी हैं। आमिर के मुताबिक, तिवारी को कोर्ट में पेश किया गया था जहां से उसे 5 दिन के रिमांड पर जांच एजेंसी को सौंप दिया गया है। तिवारी ने अपने बयान में कहा कि उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया था और वो भारत वापस नहीं जाना चाहता था।
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