13 साल की कराते चैम्पियन ओलिंपिक खेलना चाहती है, पर कम उम्र के चलते हिस्सा नहीं ले पाएगी

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

टोक्यो. जापान की 13 साल की माहिरो टकानो कराते में ब्लैक बेल्ट हैं। वह दोगुने उम्र के लोगों को हराने का माद्दा रखती हैं। माहिरो की ख्वाहिश अगले साल टोक्यो ओलिंपिक में खेलने की है, ओलिंपिक समिति ने कम उम्र का हवाला देकर फिलहाल खेल के इस सबसे बड़े इवेंट में हिस्सा लेने से मना किया है।

केजी क्लास के समय से ही माहिरो जापानी मार्शल आर्ट यानी कराते खेल रही हैं। वह कहती हैं कि ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना मेरा सपना है। लेकिन छोटी उम्र का हवाला देकर मुझे इस बार हिस्सा नहीं लेने दिया जा रहा। इस बार ओलिंपिक टोक्यो में हो रहे हैं और इसमें हिस्सा न ले पाना मेरे लिए दुखद है। माहिरो नगाओका में रहती हैं।

कराते को बढ़ावा देने वाला नया चेहरा
जापान में पारंपरिक रूप से जूडो और केंदो को तरजीह दी जाती है। केंदो भी एक जापानी मार्शल आर्ट है, जिसमें दो लोग मास्क और पारंपरिक वेशभूषा में तलवार से लड़ते हैं। इसके बावजूद माहिरो कराते का जाना-माना नाम बन चुकी हैं। वे छोटी उम्र से ही विज्ञापनों में कराते एम्बेसडर की भूमिका में नजर आती हैं। वह कहती हैं कि टोक्यो ओलिंपिक में हिस्सा लेना एक तरह से अगले ओलिंपिक्स की तैयारी जैसा होता। मैं निराश नहीं हूं। अब ओलिंपिक देखकर तैयारी करूंगी।

लगातार 6 नेशनल जीत चुकी हैं
माहिरो एलीमेंट्री स्कूल लेवल पर लगातार 6 नेशनल टाइटल जीत चुकी हैं। कराते को 2024 पेरिस ओलिंपिक आयोजकों द्वारा अनुशंसित चार खेलों की सूची से छोड़ दिया गया था, जिसमें सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग, स्पोर्ट क्लाइम्बिंग और ब्रेकडांसिंग शामिल हैं। इन सभी को अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति पास कर चुकी है।

DBApp



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Tokyo 2020 comes too early for karate kid's Olympic dream
Tokyo 2020 comes too early for karate kid's Olympic dream
Tokyo 2020 comes too early for karate kid's Olympic dream

कोई टिप्पणी नहीं

Blogger द्वारा संचालित.