अमरनाथ यात्रा रोके जाने के एक दिन बाद किश्तवाड़ की माछिल यात्रा भी स्थगित की गई
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़जिले में 43 दिन लंबी चलने वाली माछिल माता यात्रा भी शनिवार को स्थगित कर दी गई। अधिकारियों ने सुरक्षा को इसकी वजह बताया। अधिकारियों ने लोगों से कहा है कि यात्रा को जारी न रखें। साथ ही जो यात्री इसके लिए निकल चुके हैं, वे भी वापसी की तैयारी करें। शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा मार्ग पर पाक में बनी बारूदी सुरंग (लैंडमाइन) और अमेरिकी स्नाइपर गन मिलने के बाद ये यात्रा रोक दी गई थी।
किश्तवाड़के डिप्टी कमिश्नर अंगरेज सिंह राणा ने न्यूज एजेंसी को बताया- सुरक्षा कारणों के मद्देनजर यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। यात्रा 25 जुलाई को शुरू हुई थी। यह 5 सितंबर को समाप्त होती है।
यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से लोग पहुंचते हैं
देशभर से हजारों लोग इस यात्रा में शामिल होने के लिए घाटी पहुंचते हैं। यह स्थान नीली खदानों के लिए भी प्रसिद्ध है। तीर्थयात्री इस यात्रा को पूरी करने के लिए 30 किमी लंबा रास्ता तय करते हैं। मां दुर्गा की पूजा के लिए किश्तवाड़ के माछिल गांव आते हैं।
एक दशक पहले आतंकमुक्त घोषित हुआ था किश्तवाड़
किश्तवाड़ को एक दशक पहले ही आतंकमुक्त घोषित किया गया था।पिछले साल नवंबर में यहां भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की हत्या के बादक्षेत्र में दहशत का माहौल बना था। अप्रैल में हुई अन्य घटना में आरएसएस के नेता चंद्रकांत शर्मा और उनके सुरक्षाकर्मी को मार दिया गया था।
सरकार ने अमरनाथ यात्रियों को लौटने के लिए कहा
इससे पहले केंद्र सरकार ने घाटी में हमले के इनपुट के मद्देनजर अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों को वहां सेजल्द वापस लौटने की अपील की। हालांकि यात्रा पहले भी आतंकी खतरे के साये में ही पूरी होती रही है। लेकिन इस बार बारूदी सुरंग और स्नाइपर गन मिलने से तनाव बढ़ गया है।
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