राष्ट्रपति ने तीन तलाक बिल को मंजूरी दी, एनडीए-2 के पहले संसदीय सत्र में अब तक 10 विधेयक पास
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नई दिल्ली. गाम्बिया दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रपति रामनाथकोविंद नेगुरुवार को तीन तलाक (मुस्लिम महिला-विवाह अधिकार संरक्षण) बिल पर हस्ताक्षर कर दिए। वहीं,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार-2 के पहले संसदीय सत्र में अब तक 10 विधेयक पास हो गए। 17वीं लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद यह सभी विधेयककोविंद के पास भेजे गए हैं। तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है। बाकी 9 विधेयक भीराष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून बन जाएंगे।
तीन तलाक कानून के तहत अबतीन तलाक देने के दोषी पुरुष को 3 साल की सजा सुनाई जा सकेगी। पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे-भत्ते की मांग कर सकेंगी।
मंगलवार को राज्यसभा में पास हुआ था
इन सभी 10 विधेयकों में तीन तलाक बिल यानीमुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षणविधेयक 2019 खास रहा। तीन तलाक बिल मंगलवार को राज्यसभा में पास हो गया था। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े। बिल 25 जुलाई को लोकसभा से पास हो चुका था।
10 विधेयक, जो दोनों सदनों में पास हुए
- मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019
- भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019
- कंपनी (संशोधन) विधेयक, 2019
- अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध विधेयक, 2019
- जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक
- आधार और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2019
- नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र बिल, 2019
- होम्योपेथी केंद्र परिषद (संशोधन) विधेयक, 2019
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (संशोधन) विधेयक, 2019
- केंद्रीय शैक्षिक संस्थान (शिक्षकों के संवर्ग में आरक्षण) विधेयक, 2019
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