चीन और रूस के बीच शुरू होगी क्रॉस बॉर्डर केबल कार, इससे एक से दूसरे देश जाने में 8 मिनट लगेंगे

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

बीजिंग. चीन और रूस के पर्यटकों को जल्द ही नई सुविधा मिलने वाली है। अब दोनों देशों के लोग केबल कार के जरिए अंतरराष्ट्रीय टूर कर सकेंगे। वो भी सिर्फ 8 मिनट में। योजना के मुताबिक, केबल कार चीन के पूर्वोत्तर में स्थित हेइहे शहर से रूस के ब्लागोवेशचेंस्क तक जाएगी। इस दौरान लोगों को बॉर्डर पर स्थित आमूरनदी के नजारे देखने का मौका मिलेगा। यह नदी सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केबल कारमें चार केबिन होंगे। इनमें एक बार में करीब 60 पैसेंजर और उनके लगेज ले जाए जा सकेंगे। यह कारें हर 15 मिनट में उपलब्ध होंगी। साथ ही इनके लिए दो अंतरराष्ट्रीय लाइनें बिछाई जाएंगी। केबल कार के जरिए लोग एक से दूसरे शहर महज 8 मिनट में पहुंच जाएंगे। जबकि नॉन स्टॉप सफर सिर्फ साढ़े तीन मिनट का होगा।

2020 में प्रोजेक्ट का अनावरण होगा

दोनों देशों के बीच यह प्रोजेक्ट 2020 में शुरू होगा। इसे रूसी अर्बन प्लानिंग कंसल्टेंसी स्ट्रेल्का केबी तैयार करेगी। माना जा रहा है कि दूसरे देशों के करोड़ों पैसेंजर्स भी इस केबल कार सर्विस का मजा लेने रूस पहुंचेंगे। फिलहाल चीन की तरफ से केबल कार टर्मिनल के निर्माताओं के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन रूस में इसकी डिजाइनिंग एम्सटर्डम के यूएन स्टूडियो ने की है। टर्मिनल में यात्रियों को नजारे दिखाने के लिए टैरेस, रेस्त्रां और स्काई गार्डन भी बनाए जाएंगे।

केबल कार सार्वजनिक परिवहन का नया जरिया

यूएन स्टूडियो के संस्थापक बेन वान बर्केल के मुताबिक, केबल कार से दो देशों के केबल कार से जुड़ने का यह पहला मौका होगा। यह यात्रियों के लिए एक नए तरह का सार्वजनिक परिवहन होगा। यह तेज और ऊर्जा बचाने वाला सिस्टम भी है। यूएन स्टूडियो इससे पहले स्वीडन, गोथेनबर्ग और नीदरलैंडमें केबल कार टर्मिनल डिजाइन कर चुका है।



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