अमेरिका के एनएसए ने डोभाल से फोन पर कहा- भारत को आत्मरक्षा का अधिकार
नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने शुक्रवार को अपने समकक्ष अजीत डोभाल को फोन लगाकर आतंकवाद के खिलाफ साथ खड़े की बात कही। बोल्टन ने कड़े शब्दों में पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के पास अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है और इसमें अमेरिका उसका समर्थन करता है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बोल्टन ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को दो बार डोभाल से पुलवामा हमले पर बात की। बोल्टन ने कहा कि सीआरपीएफ पर हमला करने वाले और उन्हें समर्थन देने वालों को न्याय तक लाने में वे भारत के साथ हैं।
मसूद अजहर पर भी हुई चर्चा
फोन पर चर्चा के दौरान दोनों ने संकल्प लिया कि वे संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत पाक पर अपनी जिम्मेदारी निभाने का दबाव बनाएंगे। बोल्टन ने कहा, हम पहले ही पाकिस्तान को आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाह बनने पर चेतावनी दे चुके हैं। आगे की चर्चाओं में भी हम पाकिस्तानियों को साफसंदेश देंगे। इसके साथ ही मसूद अजहर को भी वैश्विक आतंकी घोषित कराने के लिए हम भारत के साथ काम करेंगे।
व्हाइट हाउस भी कर चुका है समर्थन की बात
दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति भवन की तरफ से पाकिस्तान को नाम लेकर चेतावनी दी गई है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा था कि पाक तुरंत अपनी जमीन से चलने वाले आतंकी संगठनों को समर्थन देना बंद करे। यह सिर्फ क्षेत्र में हिंसा और आतंक को बढ़ावा देते हैं।
वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भी पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा था कि सभी देशों को आतंक के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी और आतंकियों की पनाहगाह बनना बंद करना होगा। हम आतंकवाद से मुकाबले के लिए हर स्थिति में भारत के साथ खड़े हैं। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जा चुके पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद ने इस जघन्य हमले को अंजाम दिया। पीड़ितों के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं।
पाक कर चुका है हमले में हाथ से इनकार
पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमलों में किसी भी तरह के हाथ की बात से इनकार किया है। पाक सरकार ने प्रेस रिलीज जारी कर इसे गंभीर चिंता का विषय बताया।
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