30 साल से फेफड़े में फंसा 25 पैसे का सिक्का डॉक्टरों ने निकाला

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

विशाखापट्टनम. कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस अस्पताल के डॉक्टरोंने मरीज के फेफड़ेमें 30 साल से फंसा 25 पैसे का सिक्का निकाला। एल.सन्नीबाबू (77) को बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि मरीज बीते तीन सालों से इस समस्या से जूझ रहा है। दरअसल यह सिक्का 30 साल से मरीज के फेफड़ेमें था, जो निकाला नहीं गया।

ब्रोंचोस्कॉपी के जरिए निकाला सिक्का
कंसल्टेंट प्यूल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. के.एस. फणींद्र कुमार ने कहा, 'पहले मरीज के बुखार और सांस लेने में तकलीफ का इलाज किया गया। इसके बाद 8 फरवरी को ब्रोंचोस्कॉपी के जरिए सिक्का निकाला गया। इस प्रक्रिया में एक लचीली ट्यूब कैमरे के साथ मरीज के फेफड़े में डाली गई और सिक्का निकाला गया। मरीज के सामान्य होते ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।'

इलाज में देरी मुश्किल को न्योता देती है
उन्होंने बताया कि, 'बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें शरीर में कोई चीज फंसी होने के बाद भी दिक्कत इतनी देर से महसूस होती है। आमतौर पर ऐसी समस्याओं के इलाज में देरी मुश्किलों को न्योता देती है। सौभाग्यवश इस मरीज के साथ ऐसा नहीं हुआ। लंबे समय के बाद उसके फेफड़े में सिक्के के कारण इंफेक्शन शुरू हुआ। अब वह ठीक है।'

कई बार अस्पताल गया- मरीज
मरीज ने बताया, 'दुर्घटनावश वह सिक्का मेरे अंदर चला गया। इस घटना के बाद मैं बहुत डर गया था। कई बार अस्पताल गया। कुछ डॉक्टरोंने कहा कि यदि मुझे सिक्के से परेशानी नहीं है तो मुझे उस पर ध्यान नहीं देना चाहिए। एक डॉक्टर ने सिक्का निकालने की कोशिश की मगर वह असफल हुआ। डॉ. फणींद्र और उनकी टीम का शुक्रिया। उन्होंने मेरी दिक्कत पूरी तरह से खत्म कर दी।'



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प्रतीकात्मक फोटो।

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