सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेटर श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध रद्द किया

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की अनुशासनात्मक समिति के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें क्रिकेटर एस श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था। अदालत ने बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति से कहा है कि वह तीन महीने के भीतर श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की अवधि पर पुनर्विचार करे।

जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस केएम जोसेफ वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बीसीसीआई से कहा कि श्रीसंत को दी गई सजा की अवधि पर वह नए सिरे से फैसला ले। वह यह काम तीन महीने के भीतर पूरा कर ले।

मैं मैदान पर वापसी को तैयार : श्रीसंत

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद श्रीसंत ने कहा, 'सेलेक्शन वगैरह सिलेक्टर्स के ऊपर है। अभी बहुत लाइफ बाकी है तो जय माता दी। बहुत बार ऐसा हुआ है कि खिलाड़ियों को इंजरी हुई है। मैं ऐसा सोचूंगा की मेरे साथ बड़ी इंजरी थी। अगर लिएंडर पेस जैसे महान खिलाड़ी 40-45 की उम्र में खिताब जीत सकते हैं तो मैं भी वापस खेल सकता हूं। क्रिकेट में भी आशीष नेहरा ने 38 साल की उम्र तक खेला, मैं भी अभी 36 साल का हूं। मेरी प्रैक्टिस जारी है। मैं मैदान पर लौटने को तैयार हूं।'

2015 में निचली अदालत से बरी हुए थे श्रीसंत
निचली अदालत ने 2015 में श्रीसंत को कथित स्पॉट फिक्सिंग में आपराधिक मामले से बरी कर दिया था। हालांकि, बाद में केरल हाई कोर्ट ने श्रीसंत पर लगाए गए आजीवन प्रतिबंध को बहाल कर दिया। श्रीसंत ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के उसी फैसले को चुनौती दी थी। श्रीसंत ने अपनी अर्जी में निचली अदालत के फैसला का हवाला देते हुए कहा है कि बीसीसीआई की ओर से उन पर लगाया गया आजीवन प्रतिबंध बहुत कठोर फैसला है। ऐसा भी कोई सबूत नहीं है कि जिससे यह साबित हो पाए कि वे किसी अवैध गतिविध में लिप्त थे।



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