कन्याकुमारी में बंदरगाह ही मुद्दा, त्रिची के आसपास नोटबंदी और जीएसटी हिसाब मांग सकते हैं

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

अमित कुमार निरंजन,कन्याकुमारी/त्रिची.देश के अंतिम दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से लगा हुआ है कोडछला बंदरगाह। दोपहर के एक बजे के आसपास बंदरगााह की भारी चहल-पहल के बीच मैथ्यू बेहद जल्दबाजी में अपनी नाव किनारे पर लगाकर लगभग दौड़ता हुआ मछली नीलामी केंद्र की ओर भागता है। जल्दबाजी की वजह पूछने पर बेहद गुस्से में बताता है कि अब मछलियां पकड़ने समंदर में काफी आगे तक जाना पड़ता है। पहले तीन घंटे लगते थे...अब पांच लगते हैं। बंदरगाह जो बना दिया है, मछलियां दूर गहरे पानी में चली गई हैं।मैथ्यू जैसे मछुआरों का यही गुस्सा यहां सबसे बड़ा मुद्दा है। तीस से ज्यादा गांवों के छोटे मछुआरे इस बंदरगाह का विरोध कर रहे हैं। 15 से 20% ये मछुआरे कन्याकुमारी का भविष्य बदलने का माद्दा रखते हैं।



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Ground Report: Issue of Port in Kanyakumari

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