रेड सिग्नल ने बचाई कई जानें, महिला यात्री की जिद्द ड्राइवर को भारी पड़ी

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

मुंबई.छत्रपति शिवाजी महाराजटर्मिनस (सीएसएमटी) के फुट ओवरब्रिज का स्लैब गुरुवार रात ढह गया। इसमें 4 महिलाओं समेत 6 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा और भयावह हो सकता था, अगर ब्रिज से ठीक पहले का सिग्नल ऐन वक्त पररेड (लाल) न हुआ होता। हादसा शाम 7.20 बजे हुआ। तब 60 सेकेंड के लिए सिग्नल पररेड लाइट हुई थी। इसके चलते कई कारें, बाइक और अन्य वाहन मलबे में दबने से बाल-बाल बच गए।

कहा जा रहा है कि हादसे में वे ही लोग ज्यादा जख्मीया मारे गए हैं जो ब्रिज के ऊपर चल रहे थे। हादसे के वक्त ब्रिज के नीचे कुछ ठेले वाले और एक कार खड़ी थी।हादसे में मोहम्मद अख्तर अंसारी की टैक्सी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। चश्मदीद अंसारी ने बताया, "मैं चर्चगेट से एक महिला को माहिम छोड़ने के लिए जा रहा था। मरीन ड्राइव के रास्ते से माहिम जाना चाहता था, लेकिन महिला ने सीएसटी स्टेशन होकर चलने के लिए कहा। लेफ्ट टर्न मार ही रहा था कि पुल का हिस्सा बोनट पर आ गिरा।"

कसाब ब्रिज के नाम से फेमस था एफओबी

यह ब्रिज 1980 में बना था। पिछले साल स्ट्रक्चरल ऑडिट में इसे फिट बताया गया। फुटओवर ब्रिज को 'कसाब ब्रिज' के नाम से भी जाना जाता है। 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकी अजमल कसाब सीएसटी से मोकामा की तरफ इसी ब्रिज के सहारे गया था। कसब और उसके एक साथी ने इसी पुल से हथगोले फेंके और गोलीबारी की थी।

फडणवीस ने जांच के आदेश दिए
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फुटओवर ब्रिज हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑडिट के बाद भी हादसा हो जाता है तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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क्रेन के सहारे ब्रिज के बाकी स्लैब को नीचे गिराया गया।
ड्राइवर मोहम्मद अख्तर अंसारी।

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