छात्राओं ने ऐसी डिवाइस बनाई जो साउंड पॉल्यूशन से करेगी बिजली का उत्पादन
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
रांची. साउंड पॉल्यूशन से अब बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। शोर-शराबे से परेशान महानगर अब स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक सिग्नल जलाने में इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। यह आविष्कार खूंटी के डीएवी स्कूल कीदो छात्राओं ने किया है। खुशी रानी और आकांक्षा साहा ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो तेज आवाज को तुरंत ऊर्जा में बदल देती है। सड़कों पर ये डिवाइस काफी कारगर है।यह वाहनों की तेज ध्वनीऔर हॉर्न को लगातार बिजली में परिवर्तित करती रहेगी।
नीति आयोग की तरफ से चुना गया मॉडल
नीति आयोग ने अक्टूबर 2018 में यह ऑनलाइन प्रतियोगिता कराई थी। इसमें 50 हजार स्टूडेंट्स ने मॉडल भेजे। देशभर के सर्वश्रेष्ठ 200 मॉडल को चुना गया। इनमें खूंटी की दोनों छात्राओं का मॉडल भी सेलेक्ट हुआ है।
ताली बजाने से एक्टिव हो जाती है डिवाइस
लड़कियों द्वारा बनाए इस डिवाइस की खास बात यह है कि यह थोड़ी सी आवाज के प्रति भी संवेदनशील है। यानी सिर्फ ताली बजाने से हीडिवाइस एक्टिव हो जाता है और ऊर्जा पैदा करना शुरू कर देता है।डीएवी के प्रिंसिपल टीपी झा ने बताया कि महानगरों में अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से इंसानों के साथ पशु-पक्षियों पर भी काफी दुष्प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में यह आविष्कार ऊर्जा उत्पादन व संरक्षण को बढ़ावा देने में काफी मददगार साबित होगा।
अटल टिंकरिंग लैब से संभव हुई खोज
इस प्रतियोगिता में देशभर के उन स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, जिनके पास अटल टिकरिंग लैब है। सरकार केअटल इनोवेशन मिशन के तहत नीति आयोग ने बच्चों में वैज्ञानिक सोचपैदा करने के लिए इन लैब्स को देश के कई स्कूलों में बनाया है। डीएवी केफिजिक्स टीचर एम गौरी शंकर और जेबी मलिक ने बताया कि खुशी और आकांक्षा ने अपने मॉडल से ऊर्जा उत्पादन की एक नई राह दिखाई है। दोनों छात्राओं ने अपनी डिवाइस के जरिए संकट के बीच समाधान ढूंढ़ने का काम किया है। इसमें अटल टिंकरिंग लैब का बड़ा योगदान रहा।
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