हर 60 साल में एक बार आता है एक संवत का नाम, इस बार ‘परिधावी संवत्सर’
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नितिन आर.उपाध्याय. दुनिया भले ही नया साल जनवरी से मनाती है, लेकिन सनातन कालगणना में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही नववर्ष की शुरुआत मानी गई है। पुराण कहते हैं कि इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना की थी। मतलब ये दिन मानव सभ्यता के अभ्युदय का दिन है। किसी अन्य नववर्ष से ज्यादा महत्वपूर्ण और मान्य।
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