सीबीआई ने पूर्व पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की गिरफ्तारी की इजाजत मांगी

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. सीबीआई ने शारदा चिट फंड मामले में शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोलकाता के पूर्व कमिश्नर को गिरफ्तार करने की इजाजत देने की मांग की।जांच एजेंसी ने याचिका में कहा इस विवाद को सुलझाने और शारदा ग्रुप के निदेशकों और राजनीतिकों के संबंधों का पता लगाने के लिए कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। राजीव कुमार पर शारदा घोटाले के सबूतों को नष्ट करने का आरोप है।

सीबीआई की टीम 3 फरवरी को उनके घर पर पूछताछ के लिए पहुंची थी। इस दौरान पुलिस ने सीबीआई अफसरों को हिरासत में लेलिया था।ममता सीबीआई की कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठी थीं। इस मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और ईमानदारी से जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था।

एजेंसी ने कहा- कोई खास जानकारी साझा नहीं की

सीबीआई ने बताया कि कमिश्नरकुमार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूछताछ के लिए एजेंसी के सामने शिलॉन्ग में उपस्थित हुए थे। मगर तब भी कुछ प्रासंगिक सवालों का जवाब उन्होंने बेहद टालमटोल रवैये में दिया। उन्होंनेइस मामले से जुड़ी कोई खास जानकारी हमारे साथ साझा नहीं की। इतना ही नहींआरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने में भी उन्होंने एजेंसी की कोई खास मदद नहीं की।

सबूत जुटाने में असफल रहे कुमार - एजेंसी
सीबीआई ने कहा कि कमिश्नर कुमार इस मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के प्रमुख थे। बावजूद इसके वे इस मामले के महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने में असफल रहे।एजेंसी ने कोर्ट मेंकहा, ''घोटाले की जांच और उस दौरान जुटाए गए सबूतों की बेहतर जांच के लिए हम राजीव कुमार और अन्य पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहते हैं।''

सीबीआई के वकील ने कहा- कुमार का हलफनामा गलत

26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट बेंच की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने की थी। इस दौरान एजेंसी ने कोर्ट में बताया था कि उपलब्ध दस्तावेजों से कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं।सीबीआई की ओर से कोर्ट मेंपैरवी करने वालेसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया था कि कुमार के द्वारा दाखिल किया गया हलफनामा भ्रमित करने वाला है।

कोर्ट ने एजेंसी से कहा- फिर से आवेदन दाखिल करें

इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई से कहा था कि एक याचिका दायर करें जो आपके आरोपों को सपोर्ट करें। साथ ही जिसमें सभी तथ्य मौजूद हों।सीबीआई ने शीर्ष अदालत में तीनों आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एक याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि आरोपियों ने जान-बूझकर अदालत के निर्णय की अवहेलना की है।

घोटाले की जांच के लिए बनी एसआईटी के प्रमुख थे कुमार
शारदा घोटाले की जांच के लिए 2013 में एसआईटी बनाई गई थी। इसका नेतृत्व 1989 बैच के आईपीएस राजीव कुमार कर रहे थे। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दिया था। इसके बाद राजीव कुमार को जनवरी 2016 में कोलकाता पुलिस का मुखिया बनाया गया था।

2460 करोड़ का शारदा चिटफंड घोटाला
शारदा ग्रुप से जुड़े पश्चिम बंगाल के कथित चिटफंड घोटाले के 2,460 करोड़ रुपए तक का होने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि 80 फीसदी जमाकर्ताओं के पैसे का भुगतान किया जाना बाकी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, शारदा ग्रुप की चार कंपनियों का इस्तेमाल तीन स्कीमों के जरिए पैसा इधर-उधर करने में किया गया। ये तीन स्कीम थीं- फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट और मंथली इनकम डिपॉजिट।



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प्रतीकात्मक फोटो।

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