भाजपा के शत्रु अब कांग्रेस में, कहा- भारी मन से पार्टी छोड़ी, वहां लोकशाही तानाशाही में बदल गई थी
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार को कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए हैं। वे दो बार लोकसभा सदस्य रहे। माना जा रहा है कि कांग्रेस शत्रुघ्न को पटना साहिब से उम्मीदवार बना सकती है। शत्रुघ्न ने कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की। रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''कांग्रेस एक दल के साथ विचारधारा भी है। शत्रुध्न सिन्हा का आध्यात्मिक और बौद्धिक तौर पर महात्मा गांधी के विचारों से लगाव रहा है।'' शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, ''शत्रुघ्न अच्छे नेता हैं। बॉलीवुड में सुपरस्टार रहे। उनका कांग्रेस परिवार में उनका स्वागत करते हैं।'' भाजपा ने इस बार पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद को उम्मीदवार घोषित किया है।
'लोग कहते थे कि मुझे कांग्रेस में होना चाहिए'
शत्रुघ्न ने बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल को गलती से भाजपा का बता दिया। इस पर उन्होंने कहा कि आज भाजपा का स्थापना दिवस है, इसलिए भाजपा कह दिया। भाजपा न बोलने की आदत धीरे-धीरे पड़ेगी। आज भाजपा का 39वां स्थापना दिवस है। वहां नानाजी ने मुझे प्रशिक्षण दिया। भाजपा के गुरु जिनकी पिछले दिनों जो हालत हुई, उन्होंने मुझे मार्गदर्शन दिया। सुबोधकांत सहाय मुझे पब्लिक लाइफ में लेकर गए। लोग कहते थे कि आप जैसे सेक्युलर आदमी को कांग्रेस में होना चाहिए।"
'भाजपा वन मैन आर्मी-टू मैन शो'
सिन्हा ने कहा, "मैं लोकशाही को लेकर आगे बढ़ता गया और भाजपा में धीरे-धीरे लोकशाही, तानाशाही में बदल गई। मैंने भाजपा के लिए कहा था कि वन मैन आर्मी और टू मैन शो। पार्टी ने आडवाणीजी को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया। इस मार्गदर्शक मंडल की आज तक कोई बैठक नहीं हुई। भाजपा ने धीरे-धीरे ऊपर से काटना शुरू किया। जसवंत सिंह, अरुण शौरी, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा को खत्म किया गया।"
'खाते में 15 लाख या 100 स्मार्ट सिटी- कोई एक काम बताएं'
शत्रुघ्न के मुताबिक, ''आज तक मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। मुझे मंत्री नहीं बनाया गया। मैं पूछता हूं कि सरकार ऐसे 4 मंत्रियों का नाम तो बताए, जिन पर कोई आरोप न हो। सारे काम पीएमओ से होते थे। पार्टी ने खाते में 15 लाख रुपए देने और 100 स्मार्ट सिटी की बात कही। कोई एक काम तो दिखा दें। मैंने जीवन में सीखा है कि व्यक्ति से बड़ी पार्टी और पार्टी से बड़ा देश होता है। मैंने देशहित में गरीब, किसान और युवाओं की बातें कीं। जैसे बिहार में कहते हैं कि थिथरई करना, काम तो कुछ करना नहीं है, बस बातें करना है। मैं कोशिश करता रहा और वो मुझे कम करने की पूरी कोशिश करते रहे।''
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