पार्टियों के मुस्लिम लीग और हिंदू सेना जैसे धार्मिक नाम न हों; हाईकोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से जवाब मांगा

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में राजनीतिक दलों के नामोंमें धार्मिक और जातिगत शब्दों के उपयोगपर आपत्ति जताई गई है। इस पर अदालतने केंद्र और चुनाव आयोगको नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। याचिका मेंअसदुद्दीन ओवैसी की पार्टीऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम),इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), हिंदू सेना जैसी पार्टियों का जिक्र है।

चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस अनूप जे भंबानी की डिवीजन बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है।याचिका वकीलअश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है। इसमें जाति, धर्म और भाषा से जुड़े नाम रखने वाले और राष्ट्रीय ध्वज जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक दलोंकी समीक्षा करने की मांग की गईहै। याचिकाकर्ता का कहना है कि देश में स्वतंत्र औरनिष्पक्ष चुनाव के लिए यह कदम उठाने जरूरी हैं। याचिका में यह भी कहा गया है किये दल तीन महीनेे में अपने नाम न बदलें तो इनका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाना चाहिए। याचिका पर अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

याचिका में दावा- यह जनप्रतिनिधि कानून के खिलाफ

याचिकाकर्ता कातर्क है कि धर्मों से जुड़े नाम या राष्ट्रीय ध्वज जैसे प्रतीकों का इस्तेमाल जनप्रतिनिधित्व कानून (आरपीए) 1951 के तहत भ्रष्ट गतिविधि के समान है। साथ ही यह उम्मीदवार की संभावनाओं को भी प्रभावित कर सकता है। वकील ने कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों पर राष्ट्रीय ध्वज जैसे प्रतीक ध्वज का इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए।



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Delhi High Court notice to Election Commission to review political parties based religious, caste, name

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