बंगाल में मुलाकात लेकिन खलबली बिहार में।
जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ( Prashant Kishor ) की ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) से मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। प्रशान्त किशोर के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह वही बताएंगे कि वो ममता बनर्जी से क्यों मिले हैं। हालांकि नीतीश कुमार ने कहा कि रविवार को जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रशान्त किशोर शामिल होंगे और खुद इस मामले पर अपना पक्ष रखेंगे।
मुलाकात का जेडीयू से कोई मतलब नहीं: नीतीश कुमार
बिहार के सीएम और जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि प्रशांत किशोर हमारी पार्टी के सदस्य हैं। इसके अलावा उनकी कंपनी भी है, जो चुनावी रणनीति बनाने का काम करती है। पीके की कंपनी अलग-अलग पार्टियों के लिए काम करती रही है। अब प्रशांत किशोर अगर किसी अन्य दल के लिए चुनावी रणनीति बनाने का काम करते हैं इसका जेडीयू से कोई लेना-देना नहीं है।
90 मिनट चली थी ममता और प्रशांत किशोर की मीटिंग
दरअसल 6 जून को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी खुद किशोर को लेकर राज्य सचिवालय गए। उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक करीब 90 मिनट तक चली थी।
बंगाल में मुलाकात लेकिन खलबली बिहार में
रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पिछले दिनों आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जगमोहन रेड्डी के लिए काम किया था। इस चुनाव में रेड्डी की पार्टी को सत्ता तक पहुंचा दिया। इसी बीच केंद्र सरकार में जेडीयू ने मंत्री पद ठुकरा दिया। इससे चर्चा होने लगी कि बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार एनडीए छोड़ सकते हैं। इसी दौरान पीके की ममता से हुई मुलाकात ने इन बातों को और हवा दे दी।
विशेष संवाददाता: हर्ष शर्मा
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