डीएनए तकनीक की मदद से गुत्थी सुलझी, 20 साल जेल में गुजारने के बाद दोषमुक्त हुआ आरोपी
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
वाशिंगटन. अमेरिका के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जबडीएनए तकनीकऔर फैमिली ट्री की मदद से एकपुरानीगुत्थी सुलझगई।इदाहो राज्य की अदालत ने बुधवार को क्रिस्टोफर टैप (43) को दोषमुक्तकरने का आदेश दिया। टैप को 1996 में ऐंगी दोडगे नामक महिला का बलात्कार और हत्या के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 1998 में उसे30 साल की सजा सुनाई गई थी, जिसमें 20 साल वह जेल में बिता चुका था।
टैप ने कहा- यह मेरी नई जिंदगी की शुरुआत है। अब मेरे लिए एक नई दुनिया होगी। मैं हर दिन का लुत्फ उठाने जा रहा हूं।पुलिस ने मई 2019 में डीएनए तकनीक की मदद से एक अन्य संदिग्ध ब्रायन ड्रिप्स को इस मामले मेंगिरफ्तार किया था। उसने अपना अपराध कबूल किया। इसके बाद टैप को दोषमुक्त कर दिया गया।यह पहला मौका था, जब डीएनए तकनीक की मदद से कोई आरोपी दोषमुक्त हुआ।
2018 में पहली बार इस तकनीक का इस्तेमालहुआ
अप्रैल 2018 में पहली बार जेनेटिक जिनियोलॉजी चर्चा में आई थी। तब इसकी मदद से कैलिफोर्निया में 'गोल्डन स्टेट किलर' के नाम से कुख्यात एक अपराधी कोपकड़ा गया था। उस पर 1970 के दशक में 12 हत्याएं और 50 से अधिक महिलाओं के साथ बलात्कार करने का आरोप था।
2017 में टैप जेल से रिहा हुआ था
टैप को2017 में कोर्ट से समझौते के बाद रिहा कर दिया गया था,लेकिन हत्या के आरोप से मुक्त नहीं किया गया था। एक साल बाद डिफेंस टीम ने ऐंगी दोडगे के बेडरूम की जांच की गई। इस दौरान पुलिस को स्पर्म के कण और सिगरेट के टुकड़े मिले थे। इसके बाद जेनेटिक जिनियोलॉजी की मदद से ब्रायन ड्रिप्स को पकड़ा गया।
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