पूर्व क्रिकेटर्स ने कहा- तकनीक के इस दौर में ऐसी गेंद की कभी अनदेखी नहीं होनी चाहिए
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
खेल डेस्क. मुंबई इंडियंस ने गुरुवार को आईपीएल-12 के 7वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 रन से हरा दिया। बेंगलुरु को जीत के लिए मैच की आखिरी गेंद पर 7 रन चाहिए थे। स्ट्राइक पर शिवम दुबेथे और लसिथ मलिंगा के हाथ में गेंद थी। मलिंगा ने गेंद फेंकी, उनका पैर क्रीज से बहुत बाहर था। इसके बावजूद अंपायर ने उसे नो बॉल नहीं दिया और मुंबई की जीत पर मुहर लग गई।
अंपायर के इस फैसले से बेंगलुरु के कप्तान विराट कोहली और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा भी काफी नाराज दिखे। इन दोनों के अलावा कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी फील्ड अंपायर के फैसले से नाराज थे। पूर्व क्रिकेटर्स का कहना है कि इतनी आधुनिक तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद इस तरह की नो बॉल की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अंपयार सुंदरम रवि के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ट्वीट किया, 'इतनी तकनीक के युग और लगातार नजर रखने के बावजूद नो बॉल्स कभी भी मिस नहीं होनी चाहिए।'
In an era of so much technology and with so much at stake NO BALLS should never ever be missed .... #JustSaying #IPL2019
— Michael Vaughan (@MichaelVaughan) March 28, 2019
इंग्लैंड के एक और पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने ट्वीट किया, 'जिस तकनीक की दुनिया में हम में जी रहे हैं, वहां ऐसा नहीं होना चाहिए। कहानी का अंत!'
In the world of technology that we live in, a NO BALL like that should NOT happen!
— Kevin Pietersen🦏 (@KP24) March 28, 2019
End Of Story!
दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के कप्तान कप्तान फाफ डुप्लेसिस का मत है कि इस तरह के मामलों में थर्ड अंपायर को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने ट्वीट किया, 'क्रिकेट में ज्यादा से ज्यादा बार तकनीक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए... सभी फॉर्मेट में बहुत सारे फ्रंट फुट नो-बॉल हर समय छूट जाते हैं। केवल बल्लेबाज के आउट होनेकी ही जांच होती है। थर्ड अंपायर को फील्ड अंपायर को बताना चाहिए कि एक नो-बॉल डाली गई है।'
Technology should be used much more often in cricket ... so many front foot no-balls missed all the time in all formats and only checked on dismissal. Should be as simple as 3rd umpire telling the umpire through ear piece that a no ball has been bowled.
— Faf Du Plessis (@faf1307) March 28, 2019
कमेंटेटर और पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने लिखा, 'मलिंगा के ओवर की आखिरी गेंद नो-बॉल थी। बड़ा मामला है। अंपायर ने इसे मिस कर दिया। भारी गलती। विश्वास नहीं हो रहा।'
Malinga's last ball was a no-ball....BIG one. Umpire missed it. Colossal error. Unbelievable. #RCBvMI #IPL
— Aakash Chopra (@cricketaakash) March 28, 2019
आकाश 2013 में भी यह मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने तब मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच हुए मैच का हवाला देते हुए कहा था, 'किसी बल्लेबाज के आउट होने की दशा में ही फील्ड अंपायर मामले को थर्ड अंपायर से सलाह लेते हैं। अंपायर यदि अक्सर ऐसी ही नो बॉल मिस कर रहे हैं तब क्यों नहीं तकनीक का इस्तेमाल करने की इजाजत दी जानी चाहिए।'
This is what I had to say about the front-foot no-ball and the use of technology in 2013. Yes...saying it since then ☺️🤗 https://t.co/R02FJ2Bljz #AakashVani
— Aakash Chopra (@cricketaakash) March 28, 2019
पूर्व क्रिकेटर दीप दास गुप्ता ने कहा, 'शर्म की बात है कि इस तरह के अद्भुत खेल का अंत एक विवाद के साथ हुआ। मेरा यही पक्ष है।'
Shame that a wonderful game like that had to end with a controversy, my take, on @ESPNcricinfo #RCBvMI #IPL2019 pic.twitter.com/rcs8DvjEif
— Deep Dasgupta (@DeepDasgupta7) March 28, 2019
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