कैब में दुष्कर्म की कोशिश, युवती दांत से आरोपी की जीभ काटकर भाग निकली; 2 गिरफ्तार
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
जयपुर. शहर में गुरुवार रात आश्रम मार्ग से चित्रकूट जाने के लिए ओला कैब में सवार हुई 21 साल की युवती के साथ कार में पहले से बैठे ड्राइवर के दोस्त ने नकली पिस्तौल दिखाकर दुष्कर्म की कोशिश की।युवती ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी की जीभ दांतों से काट डाली और कैब से कूदकर थाने जा पहुंची।
इधर, कटी जीभ का इलाज कराने एसएमएस अस्पताल पहुंचे आरोपी सचिन शर्मा और ड्राइवर सुरेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। युवती के साहस से जयपुर में बड़ी वारदात होने से टल गई। आरोपी भरतपुर के भुसावर का रहने वाला है और जगतपुरा स्थित ब्रज विहार में प्रॉपर्टी एजेंटका काम करता है। कैब चालक सुरेश विद्याधर नगर की कच्ची बस्ती का रहने वाला है।
बीबीए की छात्रा है युवती, मॉडलिंग भी करती है
पुलिस ने बताया कि युवती आगरा की रहने वाली है और चित्रकूट में किराए पर रहती है। वह बीबीए की छात्रा है और मॉडलिंग भी करती है। गुरुवार रात 1:12 बजे आश्रम मार्ग स्थित जी-क्लब में आयोजित बर्थ-डे पार्टी में शामिल होने के बाद उसने ओला कैब बुक की थी। इसमें पहले से एक युवक बैठा था। युवती ने पूछा तो ड्राइवर सुरेश बोला कि उसका दोस्त सचिन है, जिसे चित्रकूट ही छोड़ना है। कैब के सोडाला के पास पहुंचते ही सचिन ने नकली पिस्तौल दिखाकर युवती को डराया और चलती कार में ही ड्राइवर के बगल वाली सीट से उठकर पिछली सीट पर युवती के बगल में जा बैठा। युवती ने पुलिस को बताया कि वह बेहद डर गई थी। हिम्मत दिखाकर उसने आरोपी की जीभ काट ली और कार से कूद गई।
जीभ कटे युवक से हुई पहचान, धरा गया
- युवती का दोस्त बार-बार फोन कर रहा था लेकिन, मोबाइल कैब में छूटने से बात नहीं हो पाई। दोस्त ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी। कंट्रोल रूम से मैसेज चला। चित्रकूट पुलिस ने बताया कि युवती थाने में है। बताया गया आरोपी की जीभ कटी है। वह किसी अस्पताल में जा सकता है। डीसीपी राहुल जैन ने सभी अस्पताल को मैसेज करवाया। एसएमएस से जीभ कटे युवक के आने की सूचना मिली। आरोपी सचिन को पकड़ लिया गया।
- आरोपी सचिन को एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचाने के बाद कैब ड्राइवर स़ुरेश वहां से निकल गया। पुलिस ने कार में छूट गए मोबाइल पर फोन किया। ड्राइवर ने जैसे फोन रिसीव किया, पुलिस ने चित्रकूट नगर थाने पर बुला लिया। इस तरह ड्राइवर भी पकड़ा गया। ड्राइवर ने अपने बचाव में कहा कहा कि आरोपी ने उसे भी नकली पिस्टल के बल पर डराया हुआ था। लेकिन, सवाल यह उठता है कि उसने पुलिस की मदद क्यों नहीं ली ? फिर अस्पताल से सीधे घर क्यों चला गया?
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