भगवान भोलेनाथ की याचिका- मेरी भक्त अहिल्या के कुशावर्त घाट पर कब्जा हो गया है, न्याय करें

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

इंदौर (संजय गुप्ता).असामाजिक तत्वों के अवैध कब्जों से मुक्ति के लिए खुद भगवान को याचिकाकर्ता बनना पड़ रहा है। इंदौर की पूर्व महारानी देवी अहिल्याबाई द्वारा हरिद्वार में बनाए गए कुशावर्त घाट को बचाने के लिए यह याचिका स्वयं भगवान भोलेनाथ ने हरिद्वार जिला कोर्ट में लगाई है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर भी कर लिया। इस पर शुक्रवार काे सुनवाई हाेगी। अवैध कब्जे हटाने के लिए भगवान भोलेनाथ होलकर बाड़ा कुशावर्त घाट की ओर से सेवक वेदप्रकाश, अनिल पाल और अशोक भारद्वाज के जरिए याचिका दाखिल की गई है।

मैंने ही भक्तों को सपने में आकर आदेश दियाकि कोर्ट की शरण लें

याचिका में कहा गया है, 'मेरी परम भक्त इंदौर की महारानी अहिल्याबाई द्वारा 1775 में इस घाट को निर्मित किया गया था, साथ ही मेरा शिवलिंग भी स्थापित किया था, ताकि भक्त मेरी पूजा कर सकें। अहिल्या की संपत्ति के रखरखाव के लिए खासगी ट्रस्ट 1962 में बना था, लेकिन साल 2009 में यह संपत्ति ट्रस्ट द्वारा राघवेंद्र सिखौला को पॉवर ऑफ एटॉर्नी देकर बिकवा दी गई। राघवेंद्र ने संपत्ति अपने भाई अनिरुद्ध और पत्नी निकिता सिखौला के नाम पंजीकृत करवा दी। तभी से मेरे भक्तों को यहां पूजा करने से रोका जा रहा है और निर्माण को क्षति पहुंचाई जा रही है, इसलिए मैंने ही भक्तों को 25 मई को सपने में आदेश दिए कि वह कोर्ट में जाकर आवेदन करें और न्याय प्राप्त करें।'

साल 2014 से चल रहा है विवाद, मल्होत्रा पर केस भी हो चुका

हरिद्वार का कुशावर्त घाट साल 2009 में बिक गया था। लंबे समय से घाट को तोड़कर होटल आदि बनाने की कोशिश की जा रही है। पाल महासंघ के विजय पाल द्वारा यह मुद्दा मप्र शासन और इंदौर जिला प्रशासन के ध्यान में लाया गया। इसके बाद साल 2014 में इसकी जांच हुई और तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी ने घाट सहित खासगी ट्रस्ट की सभी संपत्तियों को मप्र शासन में निहित बताया। इन संपत्तियों को लेकर हाईकोर्ट इंदौर में भी केस चल रहा है।



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हरिद्वार स्थित कुर्शावत घाट।

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