5 महीने में तिरुपति में रिकॉर्ड डोनेशन: 140 करोड़ कैश, 524 किलो सोना और 3000 किलो चांदी मिली
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
हैदराबाद. इस वित्त वर्ष के शुरुआती 5 महीने देश के लिए मुश्किलों से भरे रहे हैं। जीडीपी ग्रोथ रेट 5% पर आ गई और एक अघोषित आर्थिक मंदी शुरू हो गई। इसके उलट भारत के सबसे अमीर मंदिरों में अव्वल तिरुपति मंदिर में दान का आंकड़ा रिकॉर्ड तोड़ रहा है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट के मुताबिक, इस साल अप्रैल से अगस्त के बीच 5 महीनों में मंदिर को जो दान मिला, वह अब तक का सबसे ज्यादा है। मंदिर को कैश और हुंडी में 140 करोड़ रुपए मिले। इसके अलावा सोना और चांदी भी पिछले सालों की तुलना में दो से तीन गुना मिली।
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और आईएएस अफसर अनिल कुमार सिंघल के मुताबिक, 2018 में अप्रैल से अगस्त के बीच 113.96 करोड़ रुपए का दान मिला था। इसके साथ 344 किलो सोना और 1128 किलो चांदी मिली थी। 2019 में यह आंकड़ा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ गया। इसमें 140 करोड़ रुपए नकद या श्रीहुंडी से मिले। वहीं, 524 किलो सोना और चांदी 3098 किलो प्राप्त हुई। जिस तरह दान के आंकड़े में उछाल आया, इससे यह कहना गलत नहीं होगा कि दान के मामले में इस बार भी श्री तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् भारत में पहले नंबर पर रहेगा।
तिरुपति को अपराध मुक्त बनाना भी प्राथमिकताओं में शामिल
सिंघल बताते हैं कि मंदिर ट्रस्ट इस बात को लेकर काफी उत्साहित है कि मंदिर में लोगों की आस्था निरंतर बढ़ रही है। दान की राशि में जो वृद्धि हुई है, वह बहुत आश्चर्यचकित कर देने वाली है। ट्रस्ट मंदिर की गतिविधियों और दर्शन व्यवस्था को लेकर लगातार काम कर रहा है। मंदिर की गरिमा के लिए तिरुपति शहर को क्राइम फ्री बनाना भी ट्रस्ट की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर को मिली दान राशि से कई तरह के चैरिटी और कल्याण कार्य किए जा रहे हैं। इसमें दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, अन्नदान और मंदिर के विकास जैसे काम शामिल हैं। कई सामाजिक सरोकारों में भी ट्रस्ट शामिल है।
ई-ऑक्शन में बेचे 17 हजार किलो बाल
मंदिर ट्रस्ट ने 5 सितंबर को 17,200 किलो बालों की नीलामी की। इसकी कीमत करीब 7.62 करोड़ रुपए है। बीते गुरुवार को ई-ऑक्शन द्वारा इन बालों की नीलामी की गई। इसमें विभिन्न श्रद्धालुओं के अलग-अलग वैरायटी के बालों को क्लासिफिकेशन के साथ नीलाम किया गया।
ब्रह्मोत्सव 30 सितंबर से
मंदिर में होने वाला सालाना ब्रह्मोत्सव 30 सितंबर से शुरू होगा। यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान मंदिर में कई तरह से व्यवस्थाएं बदली जाएंगी। ब्रह्मोत्सव के लिए तैयारी पूरे जोरों पर चल रही है, जो 20 सितंबर तक पूरी होने की संभावना है। इसके पंडाल और मंच आदि के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। इससे इंजीनियरिंग से संबंधित सभी काम पूरे किए जाएंगे। मंदिर के आसपास लगभग 13 हजार से ज्यादा गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए करीब 1300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 1200 विजिलेंस ऑफिसर और 4200 पुलिसकर्मी इसकी व्यवस्था संभालेंगे। वहीं, 300 सीनियर पुलिस अधिकारियों को भी तैनात किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए सुबह 8 से रात 11 तक अन्नक्षेत्र रहेंगे।
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