पूर्व पाक राजदूत ने माना- कश्मीर में आतंकवाद की फैक्ट्री को समर्थन दे रहा पाकिस्तान
नई दिल्ली/वॉशिंगटन. पाकिस्तान पिछले तीन दशक से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की फैक्ट्री को समर्थन देता आ रहा है। अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूतएवं प्रसिद्ध लेखक हुसैन हक्कानी ने 'वाशिंगटन पोस्ट' में प्रकाशित अपने लेख में कही। हक्कानी ने माना कि पाकिस्तान की जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने की यह रणनीति बिल्कुल असफल रही है।
हक्कानी ने अपने लेख में कहा, "कुछ पाकिस्तानियों को यह बात कड़वी जरूर लग सकती है, लेकिन सच यही है। कश्मीरी मुसलमानों को समर्थन देने की पाकिस्तान की रणनीति ने उनकी (कश्मीरी मुसलमानों) जिंदगी को और कठिन कर दिया है।"
भारत-पाक सम्बंधों में आए तनाव पर हुसैन कहा, ''हाल ही में जो भी हुआ, उससे नरेन्द्र मोदी सरकार को आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाने का एक सॉफ्ट स्पॉट मिला है। इसके जरिए मोदी सरकार दो परमाणु सम्पन्न देशों के बीच युद्ध की स्थिति से बचने वाली हर मर्यादा का पालन भी करती रहेगी और आतंकवाद का जवाब भी दे सकती है।''
पूर्व पाक राजदूत ने कहा, "सीमा पार से पाकिस्तान लगातार हिंसा को समर्थन देता रहा है, लेकिन इससे विपरीत भारत को कश्मीर में मानवाधिकार के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। हालांकि हमारी पाक सरकार आधिकारिक तौर पर इसका खंडन करती आ रही है।"
लेखक ने कहा, ''प्रतिबंध के बावजूद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन खुले तौर पर आतंकवादी हमलों को अंजाम दे रहे हैं और वे भारत में हुए हमलों की जिम्मेदारी भी ले रहे हैं।'' जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आलोचना हो रही है।
पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में पल रहे आतंकी संगठन जैश-ए- मोहम्मद ने ली। पाक में एक खेमा ऐसा भी है, जो जैश को आतंकवाद के मुद्दे पर बेनकाब कर रहा है। इस पुलवामा फिदायीन हमने के जवाब में भारत ने भी 26 फरवरी को पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक की थी। इसमें करीब 350 आतंकी मारे गए।
कोई टिप्पणी नहीं