डॉक्टरों ने हेड मास्टर को मृत घोषित कर रातभर मॉर्चुरी में रखा; पोस्टमॉर्टम से पहले जिंदा मिला, फिर मौत

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

भोपाल.मध्यप्रदेश के सागर जिले में डॉक्टरों की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। घटना यहां के बीना स्थित सिविल अस्पताल की है। डॉक्टरों ने 15 दिन से अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग हेड मास्टर को गुरुवार रात मृत घोषित कर मॉर्चुरी भेज दिया। शुक्रवार सुबह 7.30 बजे पुलिस पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंची तो बुजुर्ग की सांसें चलती मिलीं। इसके बाद फौरन इलाज शुरू हुआ, लेकिन तीन घंटे के अंदर बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, 72 साल के किशन सोनी नौगांव (छतरपुर) के रहने वाले थे। 14 जून को बीना के अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनके भाई दिनेश ने बताया कि किशन प्राइवेट स्कूल में हेड मास्टर थे। ट्यूशन पढ़ाने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं लौटे तो 6 जून को नौगांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

जिम्मेदारों के खिलाफ जांच के आदेश

सीएमओ डॉक्टर आरएस रोशन ने कहा है कि किशन को गुरुवार रात 9.30 बजे मृत घोषित किया गया था। जब शुक्रवार सुबह देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं। हालांकि, इसके तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई। लापरवाही के मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, अस्पताल प्रभारी आरके जैन ने मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

जिंदा इंसान को रातभर मॉर्चुरी में रखा: पुलिस
एएसपी (सागर) विक्रम सिंह ने बताया कि अस्पताल से रात को कॉल आया था कि एक मरीज की मौत हो गई है। जब पुलिस पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल पहुंची तो मरीज जिंदा मिला। फौरन डॉक्टरों को बुलाकर इलाज शुरू कराया। हालांकि, इसके बाद शुक्रवार सुबह 10.20 बजे बुजुर्ग की मौत हो गई। जिंदा इंसान को रातभर मॉर्चुरी में रखना घोर लापरवाही है। हमने जिला प्रशासन को इसकी रिपोर्ट भेजी है।



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मृतक किशन सोनी 14 जून को अस्पताल में भर्ती हुए थे।

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