ईरान ने अमेरिका के जासूसी विमान को मार गिराया, ट्रम्प ने कहा- बड़ी गलती की

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

तेहरान/वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी जासूसी ड्रोन को मारकर ईरान ने बहुत बड़ी गलती की है। इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। इससे पहले अमेरिकी अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हार्मोज्गान प्रांत में ऊंचाई से निगरानी कर रहे ड्रोन को ईरानी सेना ने मार गिराया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बताया कि ट्रम्प को बुधवार रात ही इस घटना के बारे में बता दिया गया था।

दरअसल, ईरान की वायुसेनाने कहा था कि हमने अमेरिका के जासूसी विमान को मार गिराया है। अमेरिकी विमान ईरान केहवाई क्षेत्र का उल्लंघन करते हुए हार्मोज्गान प्रांत के कुह मुबारक इलाके में प्रवेश कर गया था। इस्लामिक रिवॉल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) एयरफोर्स ने कहा कि इस जासूसी विमान कीपहचान आरक्यू-4 ग्लोबल हॉक के रूप में हुई है।ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम और ट्रम्प के बयान कीनिंदा की है।

दोनों देशों के बीचपरमाणु समझौते को लेकर तनाव

यह घटना ऐसे वक्त हुई है,जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।पिछले साल अमेरिका ने ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था। अमेरिका,ईरान पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के उल्लंघन का आरोप लगाता रहा है।

'अमेरिका अन्य देशों पर दबाव बनाने की कोशिश करता है'

समाचार एजेंसी आईआरएनए ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी केहवाले से कहा- ईरान और अमेरिका के बीच कोई सैन्य टकराव नहीं होगाक्योंकि युद्ध का कोई कारण नहीं है। दूसरे देशों पर आरोप लगाना अमेरिकी अधिकारियों के लिए एक आम बात है। वे अन्य देशों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं।



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प्रतीकात्मक फोटो।

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