मस्जिद हमले का असर: सेमी-ऑटोमेटिक हथियार रखना गैरकानूनी, सरकार वापस लेकर बदले में पैसे देगी
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
वेलिंगटन. न्यूजीलैंड सरकार ने गुरुवार को गन बायबैक स्कीम लागू करते हुए खतरनाक सेमी-ऑटोमैटिक गन पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार ने लोगों से छह महीने में सेमी-ऑटोमेटिक गन सरेंडर करने के लिए कहा है। इसके बदले उन्हें उसकी कीमत भी दी जाएगी। ऐसा नहीं करने पर पांच साल तक की कैद हो सकती है। सरकार ने क्राइस्टचर्च में 15 मार्च को दो मस्जिदों में हुई फायरिंग से सबक लेते हुए नियमों में बदलाव किया है। इस हमले में 51 लोगों की मौत हुई थी।
प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने 15 मार्च को हमले में मारे गए मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान आर्डर्न ने कहा था कि देश में गन लॉ को और भी सख्त किए जाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से कहा था कि वे तीन महीने के अंदर हथियार संबंधी नियम सख्त करेंगी।
मस्जिद हमले में इस्तेमाल हुईथीं सेमी-ऑटोमेटिक राइफल्स
ऑस्ट्रेलियाई मूल के ब्रेंटन टैरेंट ने क्राइस्टचर्च की अल-नूर और लिनवुड मस्जिदों में नमाज के दौरान फायरिंग की थी। उसने पांच तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया था। इसमें दो बंदूकें मिलिस्ट्री स्टाइल सेमी-ऑटोमेटिक राइफल्स (एमएसएसए) थीं। सरकार ने इस तरह के सभी हथियारों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
स्कीम के लिए 994 करोड़ रुपए मंजूर
सरकार गन का मॉडल और स्थिति को देखते हुए कीमत देगी। इस योजना के लिए सरकार ने 143 मिलियन डॉलर (994 करोड़ रुपए) मंजूर किए हैं। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, वर्तमान में 14,300 एमएसएसए राइफल और 12 लाख बंदूकें रजिस्टर्ड हैं। पुलिस ने कहा कि लोगों को हथियार सरेंडर करने के लिए वे देशभर में ''संग्रह कार्यक्रम'' चलाएंगे।
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