वेदों में गंभीर बीमारियों का इलाज, प्राचीन शोध को आधुनिकता से नहीं जोड़ पाना हमारा दुर्भाग्य: मोदी

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. यहां के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग पुरस्कार वितरित किए। मोदी ने कहा किआयुष मंत्रालय में लद्दाख की चिकित्सा पद्धति सोवा-रिग्पा भी शामिल हो गई है।उन्होंने कहा, ''आज मुझे योग के साधकों, योग की सेवा करने वालों और दुनिया भरा में योग का प्रचार प्रसार करने वाले साथियों और संगठनों को पुरस्कार देने का मौका मिला है। पुरस्कार पाने वाले साथियों को मैं बधाई देता हूं। आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, सिद्ध, यूनानी और होम्योपैथी के बाद 'सोवा-रिग्पा' आयुष (एवाईयूएसएच) परिवार का छठा सदस्य हो गया है। इस कदम के लिए मैं मंत्री जी और उनके विभाग को बहुत बहुत बधाई देता हूं।''

''हमारे पास हज़ारों साल पुराना लिटरेचर है, वेदों में गंभीर बिमारियों से जुड़ें इलाज की चर्चा है। लेकिन दुर्भाग्य से हम अपनी पुरातन रिसर्च को आधुनिकता से जोड़ने में इतने सफल नहीं हो पाए और इसी स्थिति को बीते 5 सालों में हमने लगातार बदलने का प्रयास किया है।''

12 हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट भी जारी

मोदी ने कहा, ''हमारे देश में परंपरा ऐसी बनी है कि बड़े-बड़े नाम जो टीवी पर चमकते हों या जो नेता कहे जाते हों, उन्हीं पर डाक टिकट बनते हैं। आयुर्वेद के लिए खप जाने वाले पर भी डाक टिकट बन सकते हैं क्या? यही तो बदलाव हुआ है हिंदुस्तान में। आज आयुष पद्धिति को समृद्ध करने वाली 12 हस्तियों के सम्मान में डाक टिकट भी जारी हुए हैं। ये वो साथी हैं जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोगों के उपचार में लगा दिया। किसी ने योग को माध्यम बनाया तो किसी ने आयुर्वेद को, किसी ने यूनानी से सेवा की तो किसी ने होम्योपैथी से।''

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Narendra Modi, PM Narendra Modi at a programme of AYUSH Ministry in Delhi: AYUSH Health & Wellness Centers

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