तेज गेंदबाजों की ये यूनिट अब तक की सर्वश्रेष्ठ है

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

खेल डेस्क. वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की दूसरी पारी में जसप्रीत बुमराह का स्पेल पिछले काफी समय में किसी भी तेज गेंदबाज के फेंके सबसे अच्छे स्पेल में से एक रहा। उन्होंने बेहतरीन आउटस्विंगिंग गेंदबाजी पेश की। ये सिर्फ बुमराह के एक स्पेल की ही बात नहीं है। ये स्पेल दिखाता है कि इस दशक में भारतीय तेज गेंदबाजी किस तरह बेहतर होती गई है। बुमराह के अलावा पहली पारी में इशांत ने पांच विकेट लिए थे। वहीं शमी ने दोनों पारियों में 2-2 विकेट लेकर अपनी अच्छी मौजूदगी दर्ज कराई।

पिछले करीब दो साल में टेस्ट क्रिकेट में भारतीय तेज गेंदबाजों ने लगातार ऐसा ही बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ये शायद भारतीय क्रिकेट में पहला मौका है, जब हमारी गेंदबाजी स्पिनर्स नहीं, बल्कि तेज गेंदबाजों पर निर्भर है। टीम के टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 पर होने का बहुत बड़ा कारण ये तेज गेंदबाजी यूनिट ही है। बुमराह, इशांत और शमी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं उमेश यादव और भुवनेश्वर जैसे दो अनुभवी और अच्छे तेज गेंदबाज तो अभी बेंच पर ही हैं, जो कभी भी विकेट दिलाने की क्षमता रखते हैं।

तेज गेंदबाजों का ऐसा ग्रुप कभी तैयार नहीं हो सका
तेज गेंदबाजी की अगली पीढ़ी भी अच्छी नजर आ रही है। नवदीप सैनी, सिराज और खलील अहमद तमाम अच्छे गेंदबाजों में से ऐसे टॉप-3 नाम हैं, जिनका भविष्य अच्छा दिख रहा है। ऐसा नहीं है कि भारत के पास अच्छे तेज गेंदबाज नहीं रहे। इससे पहले भी देश के पास कपिल देव, श्रीनाथ, वेंकटेश प्रसाद, मनोज प्रभाकर और जहीर जैसे गेंदबाज रहे हैं। कपिल देव ने तो एक वक्त टेस्ट में 434 विकेट लेकर रिकॉर्ड भी कायम किया था। लेकिन तेज गेंदबाजों का ऐसा ग्रुप कभी तैयार नहीं हो सका। इसीलिए विदेश में टेस्ट मैचों में भारत को दिक्कत होती थी।

गावस्कर-पटौदी जैसे खिलाड़ियों ने बॉलिंग की शुरुआत की
कई मैच तो ऐसे भी रहे, जब गावस्कर, पटौदी जैसे खिलाड़ियों ने टीम के लिए बॉलिंग की शुरुआत की, ताकि स्पिनर्स के आने से पहले गेंद पुरानी हो सके। ऐसे हालातों में टेस्ट जीतना कितना मुश्किल रहता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। आज तेज गेंदबाजों का ऐसा मजबूत पूल तैयार हो पाने की बड़ी वजह आईपीएल भी है। टीम में सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों के नियम की वजह से हर टीम ने डोमेस्टिक क्रिकेट के तेज गेंदबाजों को ग्रूम कर टीम में लाने पर जोर दिया।

इससे गेंदबाजों को इंटरनेशनल लेवल के बल्लेबाजों का सामना करने और दबाव से निपटने का अच्छा अभ्यास मिला। साथ ही इंटरनेशनल लेवल के गेंदबाजों के साथ अभ्यास करने का भी डोमेस्टिक लेवल के गेंदबाजों को फायदा मिला। इसके बड़े उदाहरण खुद बुमराह हैं, जिन्होंने मुंबई इंडियंस की ओर से लंबा वक्त मलिंगा के साथ खेलते हुए बिताया।

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भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी।

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