पाक के यूएन को लिखे गए पत्र पर भारत ने कहा- इसकी कोई कीमत नहीं, बेकार में इसे महत्व न दें

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 निष्प्रभावी किए जाने के भारत के फैसले पर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान सरकार के मानवाधिकार मंत्री नेहाल ही में कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा था। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि पाक के पत्र की कीमत उस कागज के बराबर भी नहीं है, जिस पर वह लिखा गया है। हम उनके पत्र को किसी भी तरह की प्रतिक्रिया के लायक नहीं समझते।

दुनिया पाक के बहकावे में नहीं आने वाली

पाक सरकार के मंत्री लगातार कश्मीर मुद्दे पर भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, "पाकिस्तान की तरफ से आए गैरजिम्मेदाराना बयान और ट्वीट्स हमारे अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। पाकिस्तान भड़काऊ हरकतों के जरिए माहौल बनाना चाहता है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह से अलग है। दुनिया ने अब पाकिस्तान इस चाल को समझ लिया है, अब वो मनगढंत बातों के बहकावे में आने वाली नहीं है।"

भारत में आतंकी घुसाने की कोशिश में पाक
रवीश कुमार ने कहा, "हमें पता है कि जब भी हम पाकिस्तान को अपनी चिंताओं से अवगत कराते हैं, तब वह अपनी नीति के तहत आतंक का इस्तेमाल करता है। हमें खबर मिली है कि पाक अब भारत में फिर आतंकी घुसाने की कोशिश में लगा है। हम उससे इन आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हैं।

कश्मीर में सुधर रहे हालात

कश्मीर के हालात पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि राज्य में किसी भी हॉस्पिटल में दवाओं की कमी की एक भी घटना सामने नहीं आई है। एक भी गोली नहीं चलाई गई, न ही जान-माल का नुकसान हुआ है। जमीन पर धीरे-धीरे लेकिन सकारात्मक सुधार हो रहे हैं।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रविश कुमार।

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