विस्फोटक बरामदगी के बाद एटीएस व एसटीएफ ने कई स्थानों पर मारे छापे

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

गया. जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश के आतंकी मो. एजाज की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर मानपुर के इलाके से विस्फोटक और टाइमर बम बनाने की सामग्री की बरामदगी के बाद जिले में सनसनी है। मानपुर के इलाके में विस्फोटक और टाइमर बम बनाने का उपकरण रखने वाला आतंकी मो. अलाउद्दीन उर्फ सलाउद्दीन रजा उर्फ हारून उर्फ रफीक फरार हो गया है। इसके किराए वाले कमरे से उक्त सामग्री की बरामदगी के बाद एफआईआर दर्ज कर पड़ताल को तेज कर दिया गया है। गया में आतंकी नेटवर्क को खंगालने के लिए बिहार एटीएस, कोलकाता एसटीएफ और जिला पुलिस ने शुक्रवार को काफी मेहनत की। इनपुट के आधार पर मानपुर के कई इलाके खंगाले गए। फरार हुआ मो. अलाउद्दीन कोलकाता के वर्धमान के भतार थाना के दंगापड़ा का रहने वाला बताया जाता है।

विस्फोटक वाले कमरे को खंगाला, खगड़ागढ़ ब्लास्ट में थी तलाश
वर्द्धमान का रहने वाला आतंकी मो. अलाउद्दीन मुफ्फसिल थाना अंतर्गत मो. अलाउदीन उर्फ मंगलू के मकान में किराए पर रह रहा था। बीते 26 अगस्त को बुनियादगंज थाना के पठानटोली स्थित मो. सईद अंसारी के मकान से जेएमबी के आतंकी मो. एजाज की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही अलाउद्दीन फरार हो गया था।

कोलकाता एसटीएफ के इनपुट पर गुरुवार को विस्फोटक और टाइमर बम बनाने के उपकरण इसके ठिकाने से बरामद कर लिए गए। इस बड़े मामले में शुक्रवार को बिहार एटीएस और कोलकाता एसटीएफ-गया पुलिस ने दूसरी दफा उस मकान में कार्रवाई की और कमरे के सारे हिस्से को खंगाला। स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की गई। खगड़ा गढ़ ब्लास्ट में अलाउद्दीन उर्फ सलाउद्दीन की तलाश थी, जो 2 अक्टूबर 2014 को वर्धमान में किया गया था। इसमें एजाज और अलाउद्दीन की तलाश थी। ये कई वर्षों से फरार चल रहे थे। गया से पहले ये दोनों चेन्नई में छुपे थे। गया में पहचान छुपाकर किताब, बुर्का और कपड़ों की फेरी कर रहे थे।

फर्जी वोटर कार्ड पर लिया था किराए का घर
फरार असलाउद्दीन उर्फ रफीक अबगिल्ला बट तल स्थित अलाउद्दीन का फ्लैट किराए पर लेने के लिये जमात उल मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकी मो एजाज अहमद की भांति फर्जी वोटर आईकार्ड का सहारा लिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार असलाउद्दीन उर्फ रफीक द्वारा आरिफ अंसारी का वोटर आईकार्ड के सहारे छह माह पूर्व 35 सौ रुपये किराए में ग्राउंड फ्लोर का तीन कमरा किराए पर लिया गया था। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया क एजाज की गिरफ्तारी के बाद अबगिला में इस तरह का कनेक्शन की सूचना मकान मालिक द्वारा दिया जाना चाहिए था, जो नहीं दिया गया।

बांग्लाभाषी राजमिस्त्री और फेरी करने वाले संदिग्धों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर
मानपुर| बांग्लाभाषी राजमिस्त्री और कपड़ों की फेरी करने वाले संदिग्धों पर अब सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। कपड़ों की फेरी की ओट में दो आतंकियों के खुलासे और एक की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हुई है और कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। पांच दिन पहले सोमवार को जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश के आतंकी मो. एजाज की गिरफ्तारी हुई थी। बोधगया में वर्ष 2018 में हुए ब्लास्ट मामले में भी इनकी संलिप्तता सामने आई है। वहीं एजाज और असलाउदीन टाइमर बम बनाने के एक्सपर्ट बताए जा रहे हैं। आईबी समेत अन्य खुफिया एजेंसियों को कई इनपुट हैं।

जेएमबी को मजबूत कर 2005 की तर्ज पर रच रहे थे साजिश
गया में ठिकाना बनाने के बाद एजाज और अलाउद्दीन जेएमबी का नेटवर्क मजबूत कर विस्फोट की बड़ी साजिश रच रहे थे। पाकिस्तान के आतंकी संगठन से सांठ-गांठ कर एक साथ देश भर में आतंकी घटना के लिए इन्होंने अपने शागिर्द तैयार किए हैं, गया में ऐसे ठिकाने और कहां हैं, इसका पता लगाने में सुरक्षा एजेंसियां जुटी थी। जानकारी हो कि बांग्लादेश का आतंकी संगठन जमात उल मुजाहिदीन ने 2005 में वहां के कई जिलों में सिलसिलेवार तरीके से एक ही दिन ब्लास्ट कर दहशत कायम कर दिया था।

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बरामद टाइमर बम के उपकरण।

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