अमेरिका से 73 हजार सिग सॉवर राइफलें खरीदने को मंजूरी, 2020 तक जवानों को मिलेंगी
नई दिल्ली.चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात सेना के जवानों को अमेरिका में बनी अत्याधुनिक राइफलें दी जाएंगी। शनिवार को रक्षा मंत्रालय ने अमेरिका से 73 हजार सिग सॉवर राइफलें खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह प्रस्ताव लंबे समय से अटका हुआ था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, हथियार सौदे को फास्ट टैक मोड पर अंतिम रूप दिया जा रहा है और अगले साल तक राइफलें जवानों के हाथों में होंगी। इन्हें इंसास राइफल से रिप्लेस किया जाएगा।
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिग साउर राइफल की खरीद को हरी झंडी दी। ये राइफलें चीन से लगी 3600 किलोमीटर लंबी सीमा पर तैनात जवानों को दी जाएंगी। ऐसी ही राइफलें का इस्तेमाल अमेरिका और कई यूरोपीय देशों की सेनाएं कर रही हैं।
राइफल खरीद सौदे से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि हफ्तेभर में हथियार सौदे को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसके एक साल के अंदर अमेरिकी फर्म इन्हें भारत को उपलब्ध करा देगी। सेना के सूत्रों के मुताबिक, नई राइफलें इंसास की जगह शामिल की जाएंगी।
अक्टूबर, 2017 में सेना ने 7 लाख राइफल, 44,000 लाइट मशीन गन (एलएमजी) और 44,660 कारबाइन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की थी। करीब 18 महीने पहले सेना ने स्वदेशी असॉल्ट राइफल को दरकिनार कर दिया था। यह राइफल फायरिंग टेस्ट पास नहीं कर पाई थी। इसके बाद सेना ने विदेशी कंपनियों से राइफलें खरीदने की मांग की थी।
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