'इंदिरा गांधी के फ्यूनरल पर राजीव और राहुल गांधी ने कलमा पढ़ा था..' सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर, लेकिन इसके पीछे कुछ और ही है कहानी
नेशनल डेस्क, नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि इंदिरागांधी के फ्यूनरलपर राहुल और राजीव गांधी ने नमाज पढ़ी थी। फेसबुक प्रोफाइल के मुताबिक मनोज कुमारराना नाम के शख्स ने फोटो के साथ कैप्शन दिया है, 'इंदिराकी डेडबॉडी के सामने राहुल और राजीव गांधी कलमा पढ़ रहे हैं फिर भी हमारे देश के लोगों को लगता है कि ये लोग ब्राह्मण हैं।' ऐसे में सवाल उठता है कि ये तस्वीर सच है या इसके पीछे की कुछ और ही कहानी है।
तस्वीर की पड़ताल : गूगल पर रिवर्स इमेज करके सर्चिंग की गई तो पता चला कि वायरल हो रही तस्वीर स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल गफ्फार खान की है, जिन्हें लोग बच्चा खान और सीमान्त गांधी के नाम से भी जानते थे।
- 2016 में Skyscrapercity नाम के वेबसाइट ने भी इस तस्वीर की सच्चाई बताई है। वेबसाइट के मुताबिक ये तस्वीर पेशावर में बच्चा खान के फ्यूनरल की है। बच्चा खान का निधन 20 जनवरी 1988 को हुआ। निधन के अगलेदिन New York Times में खबर छपी थी कि इंडिया के प्राइम मिनिस्टर राजीव गांधी, खान के फ्यूनरल पर पेशावर गए हैं।
Rajeev Gandhi, Sonia Gandhi and Narsihma Rao at Bacha Khan's funeral
— Mohsin Dawar (@mjdawar) January 26, 2016
Pic from #BachakhanAwKhudaiKhidmatgari vol 2 pic.twitter.com/rUxOXyaJXS
इंदिरा और गफ्फार खान के निधनके वक्त राहुल की उम्र कितनी थी : इंदिरा गांधी केनिधन पर राहुलगांधी 14 साल के थे। जब अब्दुल गफ्फार खान का निधन हुआ तब राहुल18 साल के हो गए थे।
- इंदिरा गांधी का निधन 31 अक्टूबर 1984 को हुआ था। परिवार ने हिंदू रीति-रिवाज से ही उनका अंतिम संस्कार किया था। 4 नवंबर 1984 को Washington Post में इंदिरा के फ्यूनरल की खबर छपी थी।
कौन था खान अब्दुल गफ्फार खान : खान अब्दुल गफ्फार खान सीमाप्रांत और बलूचिस्तान के एक महान राजनेता थे, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और अपने काम और निष्ठा के कारण 'सरहदी गांधी' (सीमान्त गांधी), 'बच्चाखांऔर 'बादशाह खान' जैसे नामों से जाने गए। वे भारत में अंग्रेज शासन के खिलाफ अहिंसा के प्रयोग के लिए जाने जाते हैं। एक समय उनका लक्ष्य संयुक्त, स्वतन्त्र और धर्मनिरपेक्ष भारत था। इसके लिये उन्होने 1920 में खुदाई खिदमतगारनाम के संगठनकी स्थापना की। यह संगठन 'सुर्ख पोश' के नाम से भी जाना गया।
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