Budget 2019 Do You Know Facts: क्या आप जानते हैं आम बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर होता है?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट पेश करेंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली की सेहत खराब होने के कारण पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा जो कि 13 फरवरी तक चलेगा।
यह मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट होगा। हालांकि इससे पहले फुल बजट पेश किए जाने की खबर आई थी, जिसका सरकार ने बाद में खंडन कर दिया था। बता दें अंतरिम बजट और अंतरिम बजट दोनों ही कुछ महीनों के लिए होते हैं लेकिन दोनों के पेश करने के तरीके में अंतर है।
क्या है अंतरिम बजट
चुनावी साल में सरकारें पूरा बजट पेश न कर अंतरिम बजट पेश करती हैं। दरअसल यह बजट चुनावी वर्ष में नई सरकार के गठन तक खर्चों का इंतजाम करने की औपचारिकता होती है। इस बजट में ऐसा कोई भी फैसला नहीं लिया जाता है, जो नीतिगत और जिसे पूरा करने के लिए संसद की मंजूरी लेनी पड़े या फिर कानून में बदलाव की जरूरत हो। इस बजट में डायरेक्ट टैक्स में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाता, हालांकि सरकारें इंपोर्ट, एक्साइज या सर्विस टैक्स में राहत दे देती हैं। आम तौर पर हर सरकार की अपनी राजकोषीय योजनाएं होती हैं और वह उसी के मुताबिक धन का आवंटन करती हैं।
...और पूर्ण बजट?
पूर्ण बजट सरकार के सालाना खर्च का ब्यौरा होता है। इसके जरिए सरकार की प्राप्तियों (इनकम) और खर्च का लेखा-जोखा पेश किया जाता है। इसके अलावा यह पूरे साल के लिए होता है। पूर्ण बजट में आंकड़ों के जरिए सरकार संसद को बताती है कि वो आने वाले वित्त वर्ष में किस चीज पर कितना पैसा खर्च करने वाली है।
अंतरिम बजट और आम बजट में अंतर
आम बजट पूरे वित्त वर्ष के लिए पेश किया जाता है जबकि अंतरिम बजट कुछ ही महीनों के लिए पेश किया जाता है। अंतरिम बजट के कुछ महीनों बाद नई सरकार की ओर से उसी वर्ष पूर्ण बजट भी पेश किया जाता है।
अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट, इन दोनों में भी थोड़ा अंतर है
अंतरिम बजट और वोट ऑन अकाउंट में भी थोड़ा-सा अंतर होता है। दोनों ही कुछ ही महीनों के लिए होते हैं। हालांकि दोनों के पेश करने के तरीके में अंतर होता है। अंतरिम बजट में केंद्र सरकार खर्च के अलावा राजस्व का भी ब्यौरा देती है, जबकि वोट ऑन अकाउंट में सिर्फ खर्च के लिए संसद से मंजूरी मांगती है।
बजट से जुड़े 9 इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स
बजट का इतिहास देखें तो पाएंगे कि इसमें कई रोचक तथ्य भी जुड़े हैं-
1- आज़ाद भारत का पहला बजट आर के षणमुखन शेट्टी ने पेश किया था।
2- जॉन मथाई देश के दूसरे वित्त मंत्री थे, उन्होंने 1949-50 का ऐतिहासिक बजट पेश किया था, जिस पर मुख्य मुद्दा महंगाई था।
3- पहली बार हिंदी में बजट दस्तावेज 1955-56 में तैयार हुए, जिसमें काला धन उजागर करने की योजना शुरू हुई।
4- कॉरपोरेट टैक्स पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की देन है। 1987 में पहली बार उन्होंने ही बजट में इसका प्रावधान किया। इसी तरह सर्विस टैक्स लाने का श्रेय डॉ मनमोहन सिंह को जाता है, जिन्होंने 1994 के बजट में इसकी घोषणा की।
5-2001 में यशवंत सिन्हा ने पहली बार बजट दिन में पेश किया, जबकि इससे पहले आम बजट शाम में पेश किया जाता था। यह ब्रिटिश परंपरा थी कि शाम को बजट पेश किया क्योंकि जब लंदन में दोपहर 11:00-11:30 के बीच बजट पेश हो जाता था तब समय में 5:30 घंटों के अंतर के कारण भारत में शाम के पांच बज रहे होते थे। सालों से चली आ रही इस अंग्रेजी प्रथा को सिन्हा ने तोड़ा था।
6-पहले बजट दस्तावेज राष्ट्रपति भवन पर प्रिंट होते थे, लेकिन 1950 में बजट लीक हो गया जिसके बाद प्रिंटिंग का कार्य मिंटो रोड पर स्थित एक प्रेस में ट्रांसफर कर दिया गया। 1980 से बजट नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में प्रिंट हो रहा है। यह वित्त मंत्रालय का निजी प्रेस हैं।
7-छपाई के दौरान जहां स्टेनोग्राफर और वित्त मंत्रालय के अधिकारी काम करते हैं और वहीं रहते हैं। वित्त मंत्री के साथ ही इंटेलिजेस ब्यूरो के चीफ इस जगह का कभी भी अचानक दौरा कर सकते हैं।
8- बजट के दस्तावेजों को एक ब्रीफकेस में रखा जाता हैं। 7 अप्रैल 1860 में ब्रिटेन का बजट पेश करने के लिए जिस लाल ब्रीफकेस का उपयोग जेम्स विल्सन ने किया था, उसी में अगले 150 साल तक, यानी सन 2010 तक बजट पेश किया जाता रहा। लाल ब्रीफकेस की ये परंपरा भारत में आज भी है।
9- सबसे ज्यादा 10 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है। साथ ही वो अकेले ऐसे वित्त मंत्री भी हैं, जिन्होंने अपने जन्मदिन (29 फरवरी 1964 और फिर 29 फरवरी 1968) पर बजट पेश किया।
और भी पढ़ें -
BUDGET SPECIAL:5 लाख तक सालाना आमदनी पर अब कोई टैक्स नहीं, मोदी सरकार के कार्यकाल का आखिरी बजट
BUDGET SPECIAL:बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री और केंद्र सरकार को निभानी होती हैं ये परंपरा
BUDGET SPECIAL:क्या आप जानते हैं आम बजट और अंतरिम बजट में क्या अंतर होता है?
BUDGET SPECIAL:Budget पेश करने से पहले यहां शराब पी सकते हैं चांसलर, बेहद अजीब है इस देश का कानून
BUDGET SPECIAL:चुनावी साल में Modi सरकार की बड़ी घोषणा, 5 लाख तक की आय पर नहीं लगेगा इनकम टैक्स
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कोई टिप्पणी नहीं