Budget 2019: All you need to know: मोदी सरकार की आम लोगों को टैक्स पर सबसे बड़ी छूट, पांच लाख नहीं, साढ़े छह लाख पर भी नहीं देना होगा टैक्स
नेशनल डेस्क. Interim Budget 2019-20 LiveHighlights :केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goel) ने 1 फरवरी 2019 को अंतरिम बजट (Interim Budget 2019-20) पेश कर दिया है। चुनावी साल में जैसी उम्मीद थी, मोदी सरकार (Modi Govt) ने आयकर की सीमा (Income Tax Slabs)दोगुनी बढ़ाकरआम आदमी को राहत दी है। वेतनभोगी कर्मचारियों (Daily Wage Employees)के लिए आयकर सीमा (Income Tax Slab)2.5 लाख रुपए से बढ़कर 5 लाख रुपए हो गई है। टैक्स छूट में घोषणा के बाद लोकसभा में मोदी-मोदी (Modi-Modi) के नारे लगे। इसके अलावा निवेश करने पर साढ़े 6 लाख तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे 3 करोड़ लोग टैक्स (Income Tax)के दायरे से बाहर हो जाएंगे। स्टैंडर्ड डिडक्शन भी 40 हजार रुपए से बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया गया है।
आसान भाषा में समझें अपनी बचत का लेखा-जोखा
| सालाना आय | पहले टैक्स | अब टैक्स |
| 5 लाख | 13,000 | पूरी छूट |
| 7.5 लाख | 65,000 | 49,920 |
| 10 लाख | 1.17 लाख | 99,840 |
| 20 लाख | 4.29 लाख | 4.02 लाख |
6.50 लाख तक की इनकम पर भी बचा सकते हैं टैक्स
वैसे ताे सरकार ने 5 लाख तक की सालाना आय पर टैक्स (Income Tax) में पूरी तरह से छूट दी है। लेकिन अगर आप 6.50 लाख तक की इनकम करते हैं तो भी आप टैक्स (Income Tax) में पूरी छूट पा सकते हैं। इसके लिए आप LIC, मेडिकल, पीएफ में निवेश कर सकते हैं। आसान भाषा में कहें तो पहले पांच लाख रुपए कमाने पर, जो आप 13 हजार रुपए टैक्स देते थे, वो अब जीरो हो गया है।
इससे पहले क्या था नियम
फिलहाल 2.5 लाख रुपए की आय को निजी आयकर से छूट मिली हुई थी, जबकि 2.5-5 लाख रुपए के बीच की सालाना आय पर 5 फीसदी कर लगता है, जबकि 5-10 लाख रुपए की सालाना आय पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपए से अधिक की सालाना आय पर 30 फीसदी कर लगता है। जबकि 80 साल के अधिक की उम्र के नागरिकों को 5 लाख रुपए सालाना की आय पर कर छूट प्राप्त है।
बीमार हैं जेटली
वित्त मंत्री अरुण जेटली का स्वास्थ्य बेहतर न होने के कारण पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा जो कि 13 फरवरी तक चलेगा।
बता दें कियह मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम बजट है। हालांकि इससे पहले फुल बजट पेश किए जाने की खबर आई थी, जिसका सरकार ने बाद में खंडन कर दिया था। बता दें अंतरिम बजट और अंतरिम बजट दोनों ही कुछ महीनों के लिए होते हैं लेकिन दोनों के पेश करने के तरीके में अंतर है।
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