दुनिया के सबसे खतरनाक डिजिटल वायरसों से भरा लैपटॉप नीलामी में 9 करोड़ रु. में बिका
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
वॉशिंगटन. अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक लैपटॉप की नीलामी हुई। देखने में बिल्कुल साधारण सा लगने वाला यह लैपटॉप कोई आम डिवाइस नहीं, बल्कि दुनिया को करीब 6.64 लाख करोड़ का नुकसान पहुंचा चुके खतरनाक डिजिटल वायरसों से भरा है। इतना ही नहीं लैपटॉप में ऐसे वायरस भी फीड हैं जिनसे 74 देशों के कंप्यूटरखराब हो चुकेहै। नीलामी में इस लैपटॉप को करीब 10 लाख पाउंड (करीब 9 करोड़ रुपए) में खरीदा गया।
जिन छह वायरसों की वजह से यह लैपटॉप दुनियाभर में लोकप्रिय हुआ उनमें वॉना क्राई रैनसमवेयर वायरस शामिल है। वॉना क्राई वही वायरस है जिसकी वजह से 2017 में यूके के नेशनल हेल्थ सर्विस (स्वास्थ्य सेवाएं) पूरी तरह ठप पड़ गई थी। इसके अलावा डिवाइस में आई लव यू, माई डूम, डार्क तकीला, सो बिग और ब्लैक एनर्जी वायरस भी फीड हैं।
वैक्यूम में रखा जाता है लैपटॉप
यह लैपटॉप कितना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों और केबल्स से अलग वैक्यूम में रखाजाता है। इसके इंटरनेट और कनेक्टिविटी पोर्ट्स (यूएसबी और नेटवर्क सॉकेट) को भी बंद रखा जाता है, ताकि वायरस कभी लैपटॉप से निकल न पाएं।
आर्ट पीस के तौर पर खरीदा गया लैपटॉप
लैपटॉप खरीदने वाले व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,नीलामी में डिवाइस की बोली एककला के नमूने के तौर पर लग रही थी। दरअसल, इस लैपटॉप में वायरस को इंस्टाल करने वाले गुओ ओ डॉन्ग इसे वायरस से भरा आर्ट पीस ही बनाना चाहते थे। उन्होंने इसका नाम परसिस्टेंस ऑफ केओस यानी 'गड़बड़ी की अटलता' रखा था।
सैमसंग मॉडल का यह लैपटॉप विंडोज एक्सपी के एसपी 3 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। खास बात यह है कि लैपटॉप के लिए एक वेबसाइट भी है। इसमें लैपटॉप को 24 घंटे लगातार ब्रॉडकास्ट किया जाता है।
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