भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान सितंबर में मिलेगा, राष्ट्रपति मैक्रों ने खुद पुष्टि की

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

पेरिस. भारत को पहला राफेल लड़ाकू विमान सितंबर तक मिल जाएगा। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद इस बात की पुष्टि की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय फ्रांस के दौरे पर हैं। वे कल से बियारिट्ज शहर में शुरू हो रही जी-7 समिट में हिस्सा लेंगे। गुरुवार रात (भारतीय समयानुसार) मोदी और मैक्रों ने शान्तियी शहर में साझा बयान दिया।

संयुक्त बयान में मैक्रों ने स्पष्ट कर दिया कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मामला है। किसी भी तीसरे पक्ष को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कश्मीर पर मध्यस्थता की तीन बार पेशकश कर चुके हैं।

2016 में हुई थी डील
भारत को मिलने वाले पहले राफेल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ खुद फ्रांस स्थित मैन्युफेक्चरिंग प्लांट बोर्डो लेने जाएंगे। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस सरकार और दसॉ के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर 58 हजार करोड़ रुपए का समझौता हुआ था।

भारतीय पायलटों को राफेल की ट्रेनिंग दी जाएगी
भारत के कुछ लड़ाकू पायलट्स को राफेल की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। वायुसेना के 24 पायलटों को अलग-अलग बैच में अगले साल मई तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। वायुसेना राफेल की स्क्वाड्रन को हरियाणा के अम्बाला और बंगाल के हाशीमारा एयरबेस पर तैनाती करेगा।

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राफेल लड़ाकू विमान। (फाइल)
French President macron confirms First Rafale jet to reach India in September

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