बुलेट ट्रेन खुले दरवाजे के साथ 280 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी, 340 यात्री सवार थे
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
टोक्यो. जापान में बुधवार को बुलेट ट्रेन का एक बड़ा हादसा टल गया। अपनी तेज रफ्तार और सुरक्षा के पैमानों के लिए दुनियाभर में लोकप्रिय शिंकानसेन ट्रेन का दरवाजा 280 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पर खुला रह गया, जिससे इसमें सफर कर रहे करीब 340 यात्रियों की जान पर खतरा पैदा हो गया। हालांकि, सिक्योरिटी स्टाफ की मुस्तैदी की वजह से यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही और सेंडाई स्टेशन पर ही दरवाजा खुले होने की जानकारी ट्रेन ड्राइवर को दे दी गई।
जापानी न्यूज वेबसाइट निक्केई के मुताबिक, टोक्यो से चली हायाबूसा ट्रेन नंबर-46 के एक कैरिज का दरवाजा रवाना होने से पहले ही खुला था। जब ट्रेन सेंडाई स्टेशन से गुजरी तो वहां पर एक कंडक्टर ने कैरिज में जलती वॉर्निंग लाइट देख ली। इसके बाद उसने अफसरों को खतरे की सूचना दी। बुलेट ट्रेन को सेंजाई के आगे ही एक सुरंग में रुकवाया गया। कैरिज की पूरी चेकिंग और यात्रियों की जानकारी लेने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
जापान हाई स्पीड ट्रेनें दुनिया में सबसे सुरक्षित
शिंकानसेन की संचालक ईस्ट जापान रेलवे ने घटना के लिए यात्रियों से माफी मांगी है। प्रशासन ने कहा है कि वो यह तय करने की कोशिश करेगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो। दरअसल, जापान के हाई स्पीड रेल नेटवर्क को दुनिया की सबसे समय पाबंद रेल सेवाओं में गिना जाता है। इसके अलावा इन ट्रेनों को काफी सुरक्षित भी कहा जाता है। शिंकानसेन का इमरजेंसी स्टॉप सिस्टम खुद ही भूकंप जैसे खतरों को भांप कर ट्रेन को धीमा कर लेता है।
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