चीन ने हमारा बहुत नुकसान किया,अमेरिकी कंपनियां वहां से कारोबार समेटें: ट्रम्प
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
वॉशिंगटन. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन द्वाराअमेरिका के 75 बिलियन डॉलर (5.4 लाख करोड़ रुपए) के उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले से नाराज हो गए हैं। ट्रम्प ने कुछ घंटे बाद ही अमेरिकी कंपनियों को चीन से अपना कारोबार समेटने का आदेश दे दिया।
ट्रम्प ने ट्वीट में कहा, ''हमारे देश ने बेवकूफी में चीन से कारोबार के दौरान अरबों डॉलर गंवा दिए। चीन हमारी बौद्धिक संपदा चुराकर हर साल अरबों डॉलर कमा रहा है और वह ऐसा करतारहना चाहता है। लेकिनअब हम ऐसा नहीं होने देंगे। हमें अब चीन की जरूरत नहीं है। सच तो यह है कि उनके बिना हम ज्यादा बेहतर हालत में होंगे।''ट्रम्प के इस ऐलान के बाद अमेरिकी बाजार चार घंटे में 3% तक गिर चुके थे।
....Sadly, past Administrations have allowed China to get so far ahead of Fair and Balanced Trade that it has become a great burden to the American Taxpayer. As President, I can no longer allow this to happen! In the spirit of achieving Fair Trade, we must Balance this very....
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) August 23, 2019
'दूसरे देशों में जाकर चीन का विकल्प ढूंढें'
ट्रम्प ने कहा- ''मैं महान अमेरिकी कंपनियों को आदेश देता हूं कि वे अपना कारोबार घर वापस ले आएं। वे तत्काल प्रभाव से दूसरे देशों में जाकर चीन का विकल्प ढूंढे। यह अमेरिका के लिए बड़ा मौकाहै।''ट्रम्प ने इसके साथ ही फेडएक्स, अमेजन, यूपीएस से कहा कि वे चीन से आने वाली फेंटानिल दवा की सभी डिलीवरी बंद कर दें। इस दवा से हर साल एक लाख अमेरिकियों की मौत हो रही है।
एक्सपर्ट ने कहा- अमेरिकी कंपनियां चीन से हटती हैं तो भारत को फायदा
अमेरिकन चेंबर ऑफ कॉमर्स के रीजनल प्रेसिडेंट असीम चावला ने कहा, ''ट्रम्प के कहने पर अगर वाकई अमेरिकन कंपनियां चीन से अपना कारोबार समेटेंगी, तो यकीनन भारत को इसका बड़ा फायदा होगा। लेकिन, यह कहना गलत होगा कि चीन से निकलकर सारी अमेरिकी कंपनियां भारत का ही रुख करेंगी। टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के लिए बांग्लादेश, वियतनाम और भारत विकल्प हो सकते हैं। नेचुरल रिसोर्स वाली कंपनियां भी भारत को वरीयता दे सकती हैं। जिस सेक्टर की कंपनियों के लिए जो देश अनुकूल होगा, वे कंपनियां वहां जा सकती हैं। ज्यादातर अमेरिकी कंपनियां भारत आ सकती हैं।''
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