जेटली ने बाहरी का ठप्पा मिटाने के लिए 2014 में अमृतसर में घर खरीदा, चुनाव हारकर भी वित्त मंत्री बने
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
जालंधर. भाजपा के वरिष्ठ नेता औरपूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटलीका शनिवारको निधन हो गया। भारतीय राजनीति में जेटली अपने पीछे कई यादें छोड़ गए हैं। भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जेटली की इतनी कद्रथी कि वह अमृतसर सीट हार जाने के बावजूद देश के वित्त मंत्री बने। उन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हराया था।
जेटली की हार का सबसे बड़ा कारण बाहरी प्रत्याशी होना माना जा रहा था,हालांकि उन्होंने अपने ऊपर लगे इस ठप्पे को हटाने के लिए अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू में पांच बेडरूम वाला घर1 करोड़ 16 लाख रु. में खरीदा।पत्नी संगीता ने भी परिवार के अमृतसर में ही रहने का दावा किया। अमृतसर को जेटली परिवार का पैतृक निवास स्थान भीबताया था। यह बात संगीता ने तब कही थी, जबपति जेटली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से हार चुके थे। जेटली को 2014 के चुनाव में1,02,841 वोटों के अंतर से हार मिली थी।
कैप्टन ने चुनाव आयोग से की थी शिकायत
जेटली द्वारा अमृतसर में घर खरीदे जाने के बाद अमरिंदर ने इस खरीद को चुनाव प्रचार का हिस्साकरार देते हुए चुनाव आयोग से शिकायत भी की थी। अमरिंदरके एजेंट की तरफ से शिकायत में कहा गया था, ''अरुण जेटली द्वारा तथाकथित घर चुनाव प्रचार के हिस्से के तौर पर खरीदा गया।वेइसे अमृतसर के मतदाताओं से किए गए एक वादे की पूर्ति के रूप में देख रहे हैं। घर खरीद जैसे व्यय को रोजाना खर्च संबंधी रजिस्टर में दिखाया जाना चाहिए। चुनाव नियमों और जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 के विभिन्न प्रावधानों के मुताबिक कोई उम्मीदवार 70 लाख रुपए तक खर्च कर सकता है और इसका उल्लंघन भ्रष्ट आचरण माना जाता है।''
2014 के लोकसभा चुनावमें कांग्रेस ने जेटली को बाहरी कहकर प्रचारित किया था। दूसरी ओर अमृतसर सीट से निवर्तमान सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने भी जेटली की मदद नहीं की। पंजाब में तत्कालीनशिअद-भाजपा सरकार में भाजपा कोटे से मंत्री अनिल जोशी ने अमृतसरजेटली की हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुएमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को एक पत्र भीलिखा था।
संगीता ने कहा था- लोगों का फतवा मंजूर है
पति की हार के बाद संगीता ने कैप्टन अमरिंदरको बधाई देते हुए कहा था, ''लोगों का फतवा हमें स्वीकार है। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे और अरुण जेटली की जिम्मेदारी वही तय करेंगे।''हुआ भी बिलकुल वैसा ही। एनडीए-1 में मोदी नेजेटली को वित्त मंत्री बनाया।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोई टिप्पणी नहीं