तीन तलाक कानून की वैधता को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

नई दिल्ली. तीन तलाक कानून की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई हैं। कोर्ट ने शुक्रवार को मामले के तहत केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने नोटिस दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से वकील सलमान खुर्शीद पैरवी कर रहे। उन्होंने याचिका में कहा कि हम इस कानून की जांच की मांग करते हैं। इस कानून के तहत तीन साल तक की सजा समेत अन्य प्रावधान सही नहीं हैं।

आरोपी पुरुष को तीन साल तक की सजा का प्रावधान

तीन तलाक (मुस्लिम महिला-विवाह अधिकार संरक्षण) बिल 30 जुलाई को राज्यसभा में पास हो गया था। राज्यसभा में वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े। बिल 25 जुलाई को लोकसभा से पास हो चुका था। इन सबके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को तीन तलाक बिल को मंजूरी दे दी थी।तीन तलाक कानून के तहत अब तीन तलाक देने के दोषी पुरुष को 3 साल की सजा सुनाई जा सकेगी। पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे-भत्ते की मांग कर सकेंगी।



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सुप्रीम कोर्ट। -फाइल फोटो

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