टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली संस्था एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में डाला
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
नई दिल्ली.टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से पाकिस्तान को झटका मिला। शुक्रवार को एफएटीएफ ने पाकिस्तान को इनहेन्स्ड एक्सपीडिएट फॉलोअप लिस्ट (ब्लैक लिस्ट)में डाल दिया। पिछले साल संस्था ने उसेअपनी 'ग्रे लिस्ट' में स्थान दियाथा। संस्था के मुताबिक, पाकिस्तान उनके मानकों पर खरा नहीं उतरा इसलिए यह कार्रवाईकी गई है।
संस्था के एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ने पाया है कि पाकिस्तान आतंकियों की वित्तीय मदद और मनी लॉन्ड्रिंग के 40 में से 32 मानकों का पालन नहीं कर रहा था। पाकिस्तान पर कार्रवाई कायह फैसला कैनबरा (ऑस्ट्रेलिया) की बैठक में लिया गया। इस दौरान 7 घंटे तक चर्चा हुई। एक भारतीय आधिकारिक ने कहा कि अब पाकिस्तान को अक्टूबर में ब्लैकलिस्ट से बचने पर ध्यान देना होगा। जब एफएटीएफ की 15 महीने की समय-सीमा खत्महो जाएगी।
ब्लैक लिस्ट होने के बादकर्ज लेने में पाक को परेशानी
ब्लैक लिस्ट होने के चलतेअंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष, विश्व बैंक और यूरोपीय संघ पाकिस्तान की वित्तीय साख को और नीचे रख गिरा सकते हैं। ऐसे में वित्तीय संकट में जूझ रहे पाकिस्तान की स्थिति और खराब हो सकती है। एफएटीएफ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों की फंडिंग पर नजर रखती है। एफएटीएफ ने पाक को लगातार ग्रे लिस्ट में रखा। ग्रे लिस्ट में जिस भी देश को रखा जाता है, उसे कर्ज देने में बड़ा जोखिम समझा जाता है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय कर्जदाताओं ने पाक को आर्थिक मदद और कर्ज देने में कटौती की है। इस कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हुई।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोई टिप्पणी नहीं