गुरिंदर ने 5 देश घूमकर लिखी सारागढ़ी; 21 सूरमा कैसे दिखते होंगे, इसके लिए 3 पीढ़ियों के पोट्रेट बनवाए
आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:
अमृतसर (शिवराज द्रुपद). सारागढ़ी की जंग में 10 हजारपठानों के छक्के छुड़ाने वाले 21 सिख सूरमाओं को लेकर तैयार अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म 'केसरी' आज (21 मार्च)रिलीज हो गई। इसका इंतजार हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को है। इंतजार करने वालों की इस फेहरिस्त में वह व्यक्ति भी शामिल हैं, जिसनेइस फिल्म की मूल कहानी के साथ-साथ शहीदों की तस्वीर भी तैयार करवाई, जो फिल्म का आधार बनी। इनका नामगुरिंदरपाल सिंह जोसन है।गुरिंदरपाल ने इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में अपनी जिंदगी के 28 साल लगा दिए।
जोशन अमृतसर के न्यू बाग रामानंद इलाके के रहने वाले हैं। फिलहाल वेसपरिवार अमेरिकामें रहतेहैं। उनकाइन शहीदों के बारे बचपन से लगाव था।1987 में उन पर काम करना शुरू किया। शुरुआती दौर में लेख लिखे और जगह-जगह बिखरे उनके परिवारों से संपर्क करजानकारियां जुटाने लगे, लेकिन 1997 में अमेरिका चले गए और काम बीच में ही रुक गया।वहां जाने के बाद फिर उन्होंने इस पर काम शुरू किया। वेकहते हैं कि उनका एक ही सपना रह गया था कि 21 सूरमाओं कीशहादत को लोगों के सामने लायाजाए। उन्होंने बताया कि सारी सामग्री इकट्ठा करने के बाद साल 2011 में कहानी पूरी हुई, जिसे उन्होंने साल 2014 में 'सारागढ़ी साका-अद्वितीय जंगी मिसाल' किताब का रूप दिया।

गुरिंदपाल सिंह जोसन ने बताया कि चूंकि इन शहीदों के परिवार हिंदुस्तान के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों में भी रहते हैं। उनसे जानकारी जुटाने के लिए उन्होंने हिंदुस्तान, पाकिस्तान, यूके, कनाडा और अमेरिका का दौरा किया। एक परिवार मिलने के बाद दूसरे का पता चलता था। इन्हीं कड़ियों को जोड़ते-जोड़ते वह सभी सूरमाओं के परिवारों तक पहुंचे। इसके लिए उन्हें एक-एक देश में कई-कई बार चक्कर लगाने पड़े। कुछ के पते मिलने के बावजूद वह शिफ्ट कर चुके थे, लेकिन वह हिम्मत नहीं हारे। इसमें पूरे 28 साल का वक्त लगा।
21 सूरमाओं की फोटोके लिएएक चित्रकार की मदद ली
गुरिंदपालने बताया, "उस वक्त फोटो का चलन नहीं था, इस वजह सेउनकी तस्वीर जुटाना खासा मुश्किल था। इसके लिए उन्होंने एक चित्रकार की मदद ली। इसके लिए हरेक शहीद के परिवार की तीन पीढ़ियों की फोटो जुटाईं और उन्हीं को मिक्स करवा कर तस्वीर तैयार करवाई। हरेक शहीद के पोट्रेट बनते और बिगड़ते रहे आखिर में 25वीं बारपोट्रेट सार्वजनिक किया गया। उन 21 शहीदों की याद में ब्रिटिश सरकार ने सारागढ़ी में उनका स्मारक बनवाया था। ब्रिटिश सरकार ने उन शहीदों को मरणोपरांत बहादुरी का सर्वोच्च पुरस्कार इंडियन आर्डर ऑफ मेरिट प्रदान किया।"
साल 2014 में मिले डायरेक्टर अनुराग सिंह
जोसन ने बताया कि साल 2014 में फिल्म केसरी बनाने वाले डायरेक्टर अनुराग सिंह उनसे मिले तो उन्होंने फिल्म बनाने की अनुमति दे दी। वेकहते हैं कि नई पीढ़ी को 21 सूरमाओं बारे विस्तार से जानकारी देगी।
21 सिख जवानाें ने मार गिराए थे 600 अफगान लड़ाके
सारागढ़ी नार्थ ईस्ट फ्रंटियर स्थित किला हुआ करता था। अफगान पठान अक्सर वहां से हमले किया करते थे। इसलिए ब्रिटिश सरकार ने वहां पर पोस्ट बनाकर 36 सिख रेजिमेंट के जवानों को तैनात किया था। 1897 में 10 हजारअफगान लड़ाकों ने पोस्ट पर हमला कर दिया। वहां पर सिर्फ 21 सिख जवान थे। लड़ाई शुरू होने से पहले ब्रिटिशसरकार ने जवानों को वहां से पलायन करने को कहा, लेकिन हवलदार ईशर सिंह के नेतृत्व में टीम नहीं हटी। वे दुश्मन से जूझ पड़े। 12 सितंबर 1897 को इन जवानों ने दुश्मन से लोहा लिया और छक्के छुड़ाते हुए शहादत तो दी,लेकिन 600 से अधिक अफगानों को मार गिराया।
सारागढ़ी को संवारने की जिम्मेदारी भी उठाई
सारागढ़ी आज पाक की सेना के कब्जे में है। जोसन ने पाक आर्मी से संपर्ककरके उसे रिपेयर करवाया और उस पर शहीदों के नाम उकेरे गए। पास में ही शहीदों के नाम पर पार्क और गुरुद्वारे का भी निर्माण करवा रहे हैं।
किरदार निभाने वालों में 12 पंजाब से, अक्षय समेत तीन अमृतसर के
'केसरी' में पंजाब के 13 कलाकार हैं, जिनमें अक्षय कुमार के अलावा प्रितपाल पाली और अधृत शर्मा अमृतसर के हैं। इनमें जैतो से गुरप्रीत कोटी, हरभगवान सिंह, रंगदेव, चमकौर साहिब के हरबिंदर औजला, फतेहगढ़ साहिब के हरमन कैंडी, पटियाला के राजदीप धालीवाल, जालंधर के सुरमीत बतरा, मुक्तसर साहिब के हरमन ढिल्लों, लुधियाना के विक्रम चौहान के नाम शामिल हैं।
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कोई टिप्पणी नहीं