गांव के 115 लोगों की हत्या, जिहादी हिंसा की वजह से हुआ देश का सबसे बड़ा हमला

आदित्या लोक, स्पेशल करोस्पोंडेंट:

बमाको. मध्य माली के पियूल समुदाय के ओगोसागू गांव में स्थानीय शिकारी समुदाय डोगोन ने हमला करके 115 लोगों की हत्या कर दी। गांव के मुखिया इगोस्सागो को भी उसके नाती-पोते के साथ मार दिया गया। घटना शनिवार की है सैन्य सूत्रों ने रविवार को इसकी जानकारी दी। गांव के नजदीक शहर बंकास के मेयर मोलाएगुइंदो ने इलाके में इसे जिहादी हिंसा की वजह से होने वाला अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है।

मेयर ने कहा कि दोंजो शिकारी की वेशभूषा में पहुंचे लोगों ने तड़के करीब 4 बजे गोलियां बरसाईं। मारे गए लोगों में गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।

स्थानीय लोगों ने कहा- यह अलकायदा के हमले का बदला था

ओगोसागू में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह हमला अलकायदा से जुड़े उस संगठन के खिलाफ बदले की कार्रवाई था जिसने पिछले शुक्रवार को 23 सैनिकों को मारने की जिम्मेदारी ली थी।

संयुक्त राष्ट्र का दखल भी हो सकती है हमले की वजह

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद माली में चल रही हिंसा का हल तलाशने में जुटी है। बीते दिनोंउसके प्रतिनिध यहां आए थे। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि शनिवार को हुआ हमला संयुक्त राष्ट्र के दखल के विरोध में था।

यहां करीब एक दशक से जारी है विद्रोह

तुआरेग विद्रोही लीबिया में गद्दाफी के लिए लड़ते थे। 2011-12 में ये माली में प्रवेश करने में कामयाब हुए। इसके बाद से ही यहां अराजकता फैली है। फ्रांस ने इन जिहादियों को खदेड़ने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हुआ। सरकार और विद्रोहियों के बीच 2015 में शांति समझौता हुआ, लेकिन उत्तर-पूर्वी माली का ज्यादातर हिस्सा इन विद्रोहियों के कब्जे में ही है। पिछले साल भी यहां विद्रोहियों ने 100 से ज्यादा लोगों को मार दिया था, तब से हिंसा और बढ़ी है।माली सेना और नागरिक सेना के सदस्यआतंक को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। दूसरी तरफ आतंकी समूह क्षेत्र में नस्लीय हिंसा को बढ़ावा देने में लगे हैं। माली को 1960 में फ्रांस से आजादी मिली थी।



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माली नागरिक सेना के सदस्य।

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